पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने PM मोदी पर जड़ा बड़ा आरोप, मुददा हुआ वायरल
Manmohan Singh
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 12:11 AM
Manmohan Singh : जाने-माने अर्थशास्त्री तथा भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का एक पत्र तेजी के साथ वायरल हो रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यह पत्र पंजाब प्रदेश के मतदाताओं को लिखा है। अपने पत्र में मनमोहन सिंह ने PM मोदी पर बड़ा आरोप लगाया है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का पत्र वायरल होने के बाद यह मुददा प्रमुख राजनीतिक मुददा भी बनता हुआ नजर आ रहा है।
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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का लेटर बम
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के वायरल हो रहे पत्र को लेटर बम भी कहा जा रहा है। इस पत्र में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने PM नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और उन पर एक विशेष समुदाय या विपक्ष को टारगेट करने के लिए 'नफरती और असंसदीय' भाषण देकर प्रधानमंत्री पद की गरिमा को कमजोर करने का आरोप लगाया। मनमोहन सिंह ने यह टिप्पणी अप्रैल में राजस्थान की एक रैली में पीएम मोदी के एक भाषण के संदर्भ में की है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो देश की संपत्ति 'उन लोगों को बांट देगी जिनके ज्यादा बच्चे हैं'।
PM मोदी ने दावा किया था कि 'मनमोहन सिंह ने अपनी एक टिप्पणी में कहा था कि देश के संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का है'। पंजाब के लोगों को लिखे एक पत्र में मनमोहन सिंह ने पीएम मोदी पर 'हेट स्पीच' का आरोप लगाया। पंजाब में लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में 1 जून को मतदान होंगे। 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के पीएम मोदी के वादे पर निशाना साधते हुए, मनमोहन सिंह ने कहा कि उनकी नीतियों ने पिछले 10 साल में किसानों की कमाई को खत्म कर दिया है।
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पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, 'किसानों की राष्ट्रीय औसत मासिक आय सिर्फ 27 रुपए प्रति दिन है, जबकि प्रति किसान औसत कर्ज 27,000 रुपए (एनएसएसओ) है। ईंधन और उर्वरक की उच्च लागत, कम से कम 35 कृषि-संबंधित उपकरणों पर जीएसटी और कृषि निर्यात और आयात में मनमाने ढंग से लिए गए फैसलों ने हमारे किसान परिवारों की बचत को खत्म कर दिया है और उन्हें समाज के हाशिये पर धकेल दिया है।'
मनमोहन सिंह ने कहा, 'पिछले 10 साल में देश की अर्थव्यवस्था में अकल्पनीय उथल-पुथल देखी गई। नोटबंदी की आपदा, जीएसटी और कोविड-19 के दौरान कुप्रबंधन के परिणामस्वरूप एक दयनीय स्थिति पैदा हो गई है, जहां 6-7 प्रतिशत से कम जीडीपी वृद्धि की उम्मीद अब सामान्य बात बन गई है।' उन्होंने 2020-21 के किसानों के विरोध प्रदर्शन पर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। Manmohan Singh