
Mashroom ki kheti : देश के लाखों लोग एक ओर जहां रोजगार की तलाश में रहते हैं, वहीं कई ऐसे लोग भी हैं जो खेती-किसानी से जुड़कर न सिर्फ अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं, बल्कि आसपास के लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। आज हम आपको एक ऐसे किसान के बारे में बताने वाले है, जिसने नौकरी छोड़कर मशरूम की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
हरियाणा के सोनीपत जिले के रोहट गांव के रहने वाले रणवीर सिंह मशरूम की खेती से अपनी एक नई पहचान बना रहे हैं। रणवीर पहले प्राइवेट नौकरी करते थे। इस नौकरी से उनके परिवार का गुजारा बड़ी मुश्किल से होता था। इसके बाद उन्होंने मशरूम की खेती की शुरुआत की थी। इसके जरिए आज वह 6 से 7 लाख रुपये मुनाफा हासिल कर रहे हैं। इतना ही नहीं किसान रणवीर ने 6-7 लोगों को काम पर रखा हुआ है। इसके अलावा अन्य लोगों को भी मशरूम की खेती के लिए लगातार प्रोत्साहित कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में किसानों का रुझान मशरूम की खेती की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। बाजार में मशरूम की फसल का अच्छा दाम मिल जाता है। कम जगह और कम समय के साथ ही मशरूम की खेती में लागत भी बहुत कम लगती है, जबकि मुनाफा लागत से कई गुना ज्यादा मिल जाता है। मशरूम की खेती के लिए किसान किसी भी कृषि विज्ञान केंद्र या फिर कृषि विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण ले सकते हैं।
भारत देश में मशरूम का उपयोग भोजन और औषधि के रूप में किया जाता है। मशरूम में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, खनिज लवण और विटामिन है। जिससे मशरूम उच्च स्तरीय खाद्य मूल्यों के कारण सम्पूर्ण विश्व में अपना एक विशेष महत्व रखता है। भारत में मशरूम को खुम्भ, भमोड़ी और गुच्छी आदि नाम से जाना जाता है। देश में बेहतरीन पौष्टिक खाद्य के रूप में मशरूम का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा मशरूम के पापड़, जिम का सप्लीमेन्ट्री पाउडर, अचार, बिस्किट, टोस्ट, कूकीज, जैम (अंजीर मशरूम), सॉस, सूप, खीर, ब्रेड, चिप्स आदि बनाए जाते हैं।