Meerut News : समाज के सशक्त हस्तक्षेप से किसी भी संकट से उबर सकता है देश: डॉ. योगेन्द्र सिंह
The symposium was organized by Core PCI SARD and Department of Sociology on the occasion of World Polio Day.
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 10:34 AM
Meerut News : मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में विश्व पोलियो दिवस के उपलक्ष्य में कोर पीसीआई सार्ड और समाजशास्त्र विभाग द्वारा सिम्पोजियम का अयोजन किया गया। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. योगेन्द्र सिंह ने पोलियो निवारण में सामुदायिक सहभागिता की भूमिका के बाबत बताया कि कैसे समाज सशक्त हस्तक्षेप कर बड़े से बड़े संकट से उबर सकता है। डीन ऑफ आर्ट्स प्रोफेसर डा. नवीन चंद्र लोहनी ने पोलियो निवारण में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका को सार्थक बनाने में सामाजिक समर्थन को इसका श्रेय दिया।
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सामाजिक और अकादमिक महत्व के इस विचार-विमर्श में विभाग के अन्य शिक्षक प्रोफेसर आलोक कुमार, डॉ. नेहा गर्ग, डॉ. अजीत सिंह, वाईपी सिंह मौजूद रहे। विभाग की शोध छात्रा सोनल भूषण और कोर पीसीआई सार्ड डीएमसी प्रवीण कौशिक, बीएमसी परविन्द व मोनिका ने आयोजन को संचालित करने में विशेष योगदान दिया। एमएमडब्ल्यू और एमए समाजशास्त्र के कई छात्र/छात्राओं न े सिम्पोजियम में सक्रिय सहभागिता की और व्यवस्था में सहयोग दिया।
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कार्यक्रम के दौरान प्रवीण कौशिक ने प्रजेन्टेशन के माध्यम से विश्व पोलियो दिवस के महत्व को बताया। उन्होंने बताया कि देश में स्वास्थ्य विभाग और उसकी सहयोगी संस्थाओं ने किस तरह से भारत को पोलियो मुक्त करने के लिए समन्वय के साथ संघर्ष किया। पोलियो निवारण अभियान के शुरुआती दिनों में जब समाज का ज्यादातर हिस्सा अपने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का विरोधी था, उस फेज में स्वास्थ्य के इस अभियान को आगे बढ़ाना कितना चुनौतीपूर्ण था। बाद में धीरे-धीरे पोलियों उन्मूलन अभियान के लिए समाज का समर्थन जुटाना सामाजिक कार्यकर्ताओं, नेताओं और सामाजिक विज्ञानों से जुड़े लोगों के लिए एक अतिरिक्त उद्यम था। जिसे सबने मिलकर सफलतापूर्वक किया। अपने समुदाय को लगातार जागरूक किया और धीरे-धीरे वह समय आ ही गया, जब हमारे देश में पोलियो का आखिरी केस 13 जनवरी 2011 को चिन्हित किया गया। 27 मार्च 2014 को डब्ल्यूएचओ ने भारत को पोलियो मुक्त देश के रूप में प्रमाण-पत्र प्रदान कर हमें एक प्रतिबद्ध समाज की मिशाल बताया।
इस विचार-विमर्श में विश्व में पोलियो की वर्तमान स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उसमें सामने आया कि दुनियां के एक बड़े हिस्से में अब भी पोलियों की उपस्थिति बनी हुई है, जो एक बड़ा खतरा है। भारत के पड़ोसी देशों पाकिस्तान और अफगानिस्तान में ही लगातार पोलियो के केस आ रहे हैं। मलावी, मोजाम्बिक जैसे देशों में भी कई सालों बाद पोलियो के नए केस आये हैं। इसलिए हम सभी को अभी लगातार जागरूक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने आगाह किया कि लापरवाही के कारण कहीं फिर से दुनिया में इसका फैलाव न हो जाए और देश पोलियो मुक्त होने का गौरव को न खो दे।
विभागाध्यक्ष प्रोफेसर योगेन्द्र सिंह ने कार्यक्रम की सराहना की और अपने विचारों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि किस तरह से हमारे देश को पोलियो मुक्त कराया गया। आर्ट्स डीन प्रोफेसर नवीन चंद्र लोहनी ने बताया कि जो मुकाम स्वास्थ्य विभाग और उनकी सहयोगी संस्थाओं ने हासिल किया है, उस गौरव को बनाये रखना ही हम सबका मुख्य दायित्व है। क्योंकि आप सभी आने वाले कल का भविष्य हैं।
विश्व पोलियो दिवस पर आयोजित सिम्पोजियम में सभी छात्र-छात्राओं में विचार व्यक्त किये और अपनी सहभागिता हमेशा देश को स्वस्थ्य बनाए रखने में प्रतिबद्धतता के साथ बनाए रखने की शपथ ली। स्वयंसेवकों के रूप में समाज में निरन्तर अपने योगदान के लिए कोर पीसीआई सार्ड द्वारा प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार क्रमशः कुमारी हर्षिता, कुमारी काजल और कुमारी मीनाक्षी को प्रदान किया गया। इसके अलावा अन्य सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।