युवाओं में बढ़ रहा मानसिक तनाव, जानिए इसके पीछे छुपे असली कारण
भारत
RP Raghuvanshi
29 Nov 2025 03:50 PM
आज के दौर में युवा न केवल करियर और पढ़ाई के दबाव से बल्कि सोशल मीडिया, बदलती जीवनशैली और पारिवारिक तनाव से भी मानसिक दबाव महसूस कर रहे हैं। ये दबाव छोटे‑छोटे संकेतों के रूप में शुरुआत करते हैं जिन्हें समय रहते पहचानना और उनका इलाज करना जरूरी है। गाजियाबाद के मनोरोग विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि इन संकेतों पर ध्यान न दिया जाए तो छोटी समस्याएं बड़े मानसिक विकारों में बदल सकती हैं। Mental Health
किन कारणों से खराब हो रही है युवाओं की मेंटल हेल्थ
शैक्षणिक और करियर दबाव: प्रतियोगी परीक्षाएं, अपेक्षाएं और लगातार प्रदर्शन बनाए रखने का तनाव।
सोशल मीडिया की तुलना‑की आदत: दूसरों की पेर्फेक्ट जिन्दगी देख‑देख कर आत्म‑मूल्य की भावना कम होना।
संवाद की कमी और अकेलापन: परिवार या मित्रों के साथ खुली बात न हो पाना, भावनाएं दबा लेना।
नींद, जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी बदलाव: देर रात जागना, पर्याप्त नींद न लेना, शारीरिक सक्रियताओं में कमी।
COVID‑19 बाद की जिन्दगी: ऑनलाइन शिक्षा, कम मिलन‑जुलन, अधिक अकेले समय।
अन्य दबाव: रिश्तों की चुनौतियां, असफलता का डर, खुद पर भरोसा घटना, नशे जैसी आदतों का बढ़ना।
शुरुआती लक्षण जो इग्नोर न करें
मूड स्विंग्स- छोटी‑छोटी बातों पर अचानक उदासी या गुस्सा आना।
प्रोडक्टिविटी में गिरावट- पढ़ाई या काम में मन न लगना, ध्यान आसानी से भटकना।
भूख या नींद में बदलाव- जरूरत से ज्यादा या बहुत कम खाना, नींद न आना या बहुत ज्यादा सोना।
सामाजिक प्रतिबंध- दोस्तों‑परिवार से दूरी बनाना, अकेले रहना पसंद करना।
एंग्जायटी के लक्षण- बेचैनी, डर या घबराहट महसूस होना।
आत्म‑सम्मान घटना और नकारात्मक विचार- खुद को नकारात्मक तरीके से देखना, जीवन में अर्थ की कमी महसूस करना।
शारीरिक लक्षण- सिरदर्द, थकान, मांसपेशियों में दर्द इत्यादि, जब मानसिक तनाव शारीरिक रूप ले लेता है।
पर्याप्त नींद लें।
नियमित‑दिनचर्या बनाए रखें।
सोशल मीडिया का सीमित और सकारात्मक उपयोग करें, तुलना से बचें।
भरोसेमंद किसी से मित्र, परिवार या काउंसेलर खुलकर बातचीत करें।
नियमित व्यायाम और ध्यान (Meditation / Mindfulness) शामिल करें।
पेशेवर मदद लेने से न डरें मनोचिकित्सक या काउंसलर से संपर्क करें यदि लक्षण लंबे समय तक बने हों।
अपनी पसंद की गतिविधियां करें, आराम के पल निकालें जैसे-संगीत सुनना, किताबें पढ़ना, प्रकृति में वक्त बिताना।
अस्वस्थ आदतों जैसे नशा, अनियमित खान‑पान आदि से दूरी बनाएं। Mental Health