देश में पहली बार पानी के नीचे दौड़ी मेट्रो, PM ने बच्चों संग किया सफर
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 10:58 AM
Underwater Metro Rail: पीएम मोदी ने बुधवार यानी 6 मार्च को पश्चिम बंगाल के कोलकाता की पहली अंडरवाटर मेट्रो सेवा को हरी झंडी दिखाई। ये मेट्रो कोलकाता से हावड़ा के बीच चलेगी। पीएम मोदी ने इस मेट्रो में स्कूल के बच्चों के साथ सफर किया और उनसे बातचीत भी की। इस मेट्रो की खास बात यह है कि ये हुगली नदी के अंदर बनी टनल में चलेगी। पानी के अंदर बनी मेट्रो सुरंग इंजीनियरिंग की एक शानदार उपलब्धि है, जो 16.6 किमी लंबी है।
अंडरवॉटर मेट्रो रेल में सफर करते दिखे पीएम
समाचार एजेंसी एएनआई ने पीएम नरेंद्र मोदी के अंडरवॉटर मेट्रो रेल सफर से जुड़ा 36 सेंकेंड्स का वीडिया भी शेयर किया। वह इसमें ट्रेन में बच्चों को आस-पास बैठने के लिए कहते हुए नजर आए। पीएम मोदी ने इस दौरान बच्चों के साथ हंसी-खुशी के साथ संवाद किया।
https://twitter.com/ANI/status/1765242456352682020
Underwater Metro Rail
पहली अंडरवाटर मेट्रो क्यों है खास?
अंडरवाटर मेट्रो हुगली के पश्चिमी तट पर स्थित हावड़ा को पूर्वी तट पर साल्ट लेक शहर से जोड़ेगी। इसमें 6 स्टेशन होंगे, जिनमें 3 अंडरग्राउंड स्टेशन हैं. वहीं हावड़ा स्टेशन भारत का सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन है। कोलकाता मेट्रो का हावड़ा मैदान-एस्प्लेनेड सेक्शन बेहद खास है, क्योंकि इस सेक्शन में ट्रेन पानी के अंदर दौड़ेगी। इस मेट्रो टनल को हुगली नदी के तल से 32 मीटर नीचे बनाया गया है। ये अंडर वॉटर मेट्रो टनल हावड़ा मैदान-एस्प्लेनेड सेक्शन के बीच में दौड़ेगी। वहीं ये अंडरग्राउंड मेट्रो 45 सेकेंड में हुगली नदी के नीचे 520 मीटर की दूरी तय करेगी। आपको बता दे कि इसके साथ ही पीएम मोदी ने कोलकाता मेट्रो के हावड़ा मैदान-एस्प्लेनेड मेट्रो सेक्शन, कवि सुभाष स्टेशन-हेमंत मुखोपाध्याय मेट्रो सेक्शन और तारातला-माझेरहाट मेट्रो सेक्शन का उद्घाटन भी किया।
रेल मंत्री ने दी जानकारी
इस अंडरवाटर मेट्रो सेवा को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि कोलकाता मेट्रो पर काम 1970 के दशक में शुरू हुआ था, लेकिन मोदी सरकार के पिछले 10 वर्षों में हुई प्रगति उससे पहले के 40 सालों की तुलना में कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का ध्यान बुनियादी ढांचा तैयार करने और देश के लिए नींव तैयार करने पर है, जो 2047 तक एक विकसित राष्ट्र होगा। कोलकाता मेट्रोका काम कई चरणों में आगे बढ़ा. मौजूदा चरण में शहर के ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर के लिए नदी के नीचे सुरंग बनाई गई है।
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