millionaire आमतौर पर लोग अपने जीवन में घर के बाहर पड़े कूड़े कचरे पर कोई ध्यान नहीं देते हैं। कचरे वाला आया और उसे कचरा थमा दिया। लेकिन कभी कचरा भी जिंदगी को बदल सकता है, वह इस खबर से आपको पता चलेगा। जी हां हम सत्य कह रहे हैं। एक महिला की लाइफ को बदलने में कचरे ने अहम रोल अदा किया है। जानिए पूरा मामला।
मलेशिया के तेरेंगानू इलाके के मारंग निवासी आइदा अपने परिवार के साथ मछली पकड़ती थी और बाजार में मछली बेचकर अपना गुजारा करती थी। एक दिन आइदा जरीना मलेशियाई मत्स्य विकास प्राधिकरण की इमारत के पास के तट पर मछली पकड़ रही थीं, तभी उसे समुद्र में एक प्लास्टिकनुमा कचरा नजर आई। आइदा ने सोचा कि समुद्र में कचरा तैर रहा है, उसने कचरे को पानी से निकाला और उसे फेंकने के लिए किनारे तक ले आई। आइदा ने उस कचरे के बारे में अपने पिता को बताया। उसके मछुआरे पिता ने उसे बताया कि पानी में तैरती हुई गांठ व्हेल की उल्टी हो सकती है। जब उन्होंने उसे देखा तो वह समझ गए कि ये कचरा नहीं बल्कि व्हेल की उल्टी है। उसके बाद उन्होंने जब उसके एक छोटे से टुकड़े को जलाने की कोशिश की तो वह मोमबत्ती की तरह पिघल गई और उसमें एक मीठी सी गंध आने लगी। जरीना ने आगे बताया कि उसने व्हेल की उल्टी के बारे में कभी नहीं सुना था । वह उसकी भारी कीमत के बारे में जानकर हैरान रह गई। आइदा ने कहा कि वह किसी भी प्राधिकरण के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है जो पुष्टि कर सकता है कि उसे जो वस्तु मिली है वह वास्तव में व्हेल उल्टी है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 5 किलो की उस वस्तु का एक नमूना यूनिवर्सिटी मलेशिया टेरेंगानु को यह सुनिश्चित करने के लिए भेजा गया है कि क्या यह एम्बरग्रीस है। अगर आइदा को मिला ये टुकड़ा सच में व्हेल की उल्टी है तो यह जरीना को करोड़पति बना सकता है। व्हेल उल्टी को काफी महंगा माना जाता है क्योंकि यह बहुत दुर्लभ होती है। यह केवल एक लुप्तप्राय प्रजाति स्पर्म व्हेल के पाचन तंत्र में उत्पन्न होती है। शुक्राणु व्हेल स्क्वीड खाते हैं और उनकी पित्त नलिकाएं कठोर, तेज स्क्वीड के मार्ग को आसान बनाने के लिए एंब्रेन नामक एक पदार्थ का उत्पादन करती हैं। इससे व्हेल के अंदरुनी हिस्सों को नुकसान नहीं पहुंचता है। एम्बरग्रीस ठोस, मोम जैसा ज्वलनशील तत्व होता है। यह हल्के ग्रे या काले रंग का होता है। स्पर्म व्हेल की आंतों में यह पाया जाता है। इस आग के सामन लाने पर ये मोम की तरह पिघल जाता है। व्हेल की उल्टी यानि एम्बरग्रीस को तैरता हुआ सोना भी कहा जाता है। इसका इस्तेमाल परफ्यूम इंडस्ट्री में किया जाता है। इसमें मौजूद एल्कोहल का इस्तेमाल महंगे ब्रैंड परफ्यूम बनाने में किया जाता है। इसकी मदद से परफ्यूम की गंध लंबे वक्त तक बरकरार रखी जा सकती है। इस वजह से इसकी कीमत बेहद ज्यादा होती है। कई देशों में एम्बरग्रिस से सुगंधित धूप और अगरबत्ती भी बनाई जाती है। अगर एम्बरग्रिस अच्छी क्वालिटी का होता है तो उसकी कीमत करोड़ों रुपए तक होती है।