रेलवे का किराया एक्सप्रेस स्पीड से बढ़ा, यात्रियों की जेब पर फिर पड़ी महंगाई की मार
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 08:33 AM
Ministry of Railways : अगर आप भी ट्रेन से सफर करने की योजना बना रहे हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। एक जुलाई 2025 से भारतीय रेलवे यात्रियों की जेब पर फिर से भार डालने जा रहा है। मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में सफर अब थोड़ा और महंगा हो सकता है, क्योंकि रेल मंत्रालय किराया बढ़ाने की तैयारी में है।
किस तरह बढ़ेगा किराया?
रेल मंत्रालय के प्रस्ताव के अनुसार, गैर-एसी (स्लीपर, जनरल) श्रेणियों में प्रति किलोमीटर 1 पैसा बढ़ाया जाएगा। एसी श्रेणियों (AC 1, AC 2, AC 3, चेयर कार) में यह वृद्धि 2 पैसे प्रति किलोमीटर तक हो सकती है। इसका मतलब है कि जितना लंबा सफर जेब उतनी ज्यादा ढीली। रेलवे भले ही सीधे किराया कम बार बढ़ाता हो लेकिन टैक्स, डायनामिक फेयर, तत्काल चार्ज और रद्दीकरण शुल्क के जरिए पहले से ही यात्रियों से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं। उदाहरण- रद्द करने पर एसी फर्स्ट क्लास में 240 रुपये तक कट जाते हैं। तत्काल टिकट पर रिफंड का कोई विकल्प नहीं। डायनामिक फेयर में जितनी कम सीटें, उतना ज्यादा किराया। रेलवे द्वारा चलाई जा रही सुविधा ट्रेनों में न रियायत मिलती है, न वेटिंग टिकट पर सहूलियत उल्टा डायनामिक किराया लागू होता है और रद्द करने पर कम से कम ₹200 तक का नुकसान तय है।
आंकड़ों में समझें जेब पर असर
2019-20 में रेलवे की पैसेंजर इनकम: ₹50,669 करोड़
2023-24 में: ₹70,693 करोड़
2025-26 के लिए अनुमान: ₹92,800 करोड़ (16% की ग्रोथ)
साफ है कि रेलवे की आमदनी बढ़ रही है और उसका बड़ा हिस्सा यात्रियों की जेब से ही आ रहा है। रेलवे का दावा है कि यात्री संख्या बढ़ी है, खासकर वंदे भारत और एसी 3 टियर जैसी ट्रेनों में। इससे आय में इजाफा हो रहा है। रेलवे का तर्क है कि बेहतर सुविधाओं के लिए कुछ खर्च जरूरी हैं लेकिन यात्रियों का सवाल है- क्या यह खर्च हमेशा सिर्फ आम आदमी ही उठाएगा? Ministry of Railways