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Mumbai News: सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "यह सेल्फ रेडिकलाइजेशन का मामला लगता है। आरोपी के घर से कुछ किताबें और आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है।

Mumbai News: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि ठाणे में दो सुरक्षा गार्डों पर हुआ हमला 'सेल्फ़-रेडिकलाइज़ेशन' (खुद से कट्टरपंथी बनने) का एक संभावित मामले हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जांचकर्ता इस बात का पता लगा रहे हैं कि क्या इसमें कोई व्यापक नेटवर्क या साजिश शामिल थी।
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक फडणवीस ने कहा, "यह सेल्फ रेडिकलाइजेशन का मामला लगता है। आरोपी के घर से कुछ किताबें और आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। वह अमेरिका में रहता था और हाल ही में लौटा था। शुरुआती जांच से पता चला है कि वह कट्टरपंथी बन गया था और जिहाद के नाम पर हिंदू समुदाय के लोगों पर हमला करना चाहता था, जिसकी वजह से उसने यह घटना अंजाम दी,"
'जांच का दायरा सिर्फ आरोपी तक सीमित नहीं'
फडणवीस ने कहा, “इस मामले की जांच फिलहाल आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही हैं, और राज्य सरकार इन एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रही है। जांच का दायरा सिर्फ़ आरोपियों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन लोगों या नेटवर्क की भी जांच की जाएगी जो उन्हें कट्टर बनाने के पीछे थे। किसी भी संभावित साज़िश का पर्दाफ़ाश करने के लिए पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी।”
महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड ने सोमवार (27 अप्रैल) को मीरा रोड के नया नगर इलाके में अस्मिता ग्रैंड मेंशन के पास दो सिक्योरिटी गार्ड पर हुए हमले की जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां इसे एक संभावित 'लोन वुल्फ' आतंकी हमला मान रही हैं।
'आरोपी ने पूछा गार्डों का धर्म'
महाराष्ट्र एटीएस के अनुसार, आरोपी जबर ज़ुबैर अंसारी (31) ने ड्यूटी पर तैनात दो सुरक्षा गार्डों को निशाना बनाया। चश्मदीदों ने बताया कि आरोपी ने पहले गार्डों से रास्ता पूछा और फिर लौटकर उनसे उनका धर्म पूछा। यह भी आरोप है कि आरोपी ने गार्डों में से एक को ज़बरदस्ती इस्लामिक कलिमा पढ़ने के लिए कहा, और जब वह ऐसा नहीं कर पाया, तो उसने एक धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया। गार्ड इस समय अस्पताल में भर्ती हैं।
'ISIS में शामिल होने की इच्छा'
अंसारी की गिरफ़्तारी के बाद, पुलिस को उसके घर से हाथ से लिखे कुछ नोट्स मिले, जिनमें उसने ISIS में शामिल होने की इच्छा ज़ाहिर की थी। महाराष्ट्र ATS के अनुसार, नोट्स में इस हमले को किसी आतंकवादी संगठन में शामिल होने की दिशा में उसका "पहला कदम" बताया गया था।
जांच में पता चला कि अंसारी साइंस ग्रेजुएट था और कई सालों तक अमेरिका में रहा था। वहां नौकरी न मिलने पर वह भारत लौट आया और मीरा रोड पर अकेले रहने लगा; यहां वह ऑनलाइन केमिस्ट्री कोचिंग देता था। माना जाता है कि इसी अकेलेपन के दौरान, इंटरनेट के ज़रिए वह कट्टरपंथ की तरफ मुड़ा। जांच एजेंसियां उसके मोबाइल फ़ोन और लैपटॉप के डिजिटल फ़ुटप्रिंट्स की जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सीमा पार बैठे किसी हैंडलर से उसका सीधा संपर्क था या नहीं।
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