गणपति विसर्जन से पहले पढ़ लें ये जरूरी बातें, वरना अनजाने में बन सकता है बड़ा दोष
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 07:53 AM
अनंत चतुर्दशी, जो इस साल 6 सितंबर 2025 को मनाई जाएगी, न केवल भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की उपासना का दिन है, बल्कि यही वो दिन भी है जब भक्त अपने प्रिय गणपति बप्पा को भावुक विदाई देते हैं। गणेश चतुर्थी पर घरों में विराजे बप्पा को अनंत चतुर्दशी के दिन विसर्जित किया जाता है यह क्षण भक्ति, भाव और श्रद्धा से भरा होता है लेकिन इस पवित्र दिन को सही तरीके से मनाना बेहद जरूरी है, ताकि श्रद्धा और पर्यावरण दोनों का सम्मान बना रहे। अक्सर लोग विसर्जन करते समय कुछ ऐसी छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जो धार्मिक रूप से भी अनुचित होती हैं और प्रकृति के लिए भी नुकसानदायक। Ganesh Visarjan 2025
गणपति विसर्जन के समय इन बातों का जरूर रखें ध्यान
प्राकृतिक जलाशयों को गंदा न करें
मूर्ति विसर्जन के लिए सीधे नदी, तालाब या झील में मूर्तियां न डालें। इससे जल प्रदूषण होता है। आजकल कई शहरों में कृत्रिम विसर्जन टैंक उपलब्ध कराए जाते हैं या आप घर पर भी छोटा विसर्जन कर सकते हैं।
खंडित मूर्ति का विसर्जन न करें
विसर्जन से पहले ध्यान रखें कि गणेश जी की मूर्ति कहीं से भी टूटी न हो। खंडित मूर्ति का विसर्जन अशुभ माना जाता है।
अधूरी पूजा से बचें
विसर्जन से पहले बप्पा की विधिपूर्वक आरती करें, मोदक, लड्डू और पुष्प अर्पित करें। अधूरी पूजा भगवान की विदाई को अपूर्ण बना देती है।
मूर्ति को सम्मानपूर्वक विसर्जित करें
कभी भी मूर्ति को पानी में जोर से फेंकें नहीं। धीरे और श्रद्धा के साथ जल में प्रवाहित करें, जैसे किसी अपने को विदा कर रहे हों।
नशा करके विसर्जन न करें
विसर्जन के दिन नशा करना वर्जित होता है। यह दिन शुद्धता, सात्विकता और आत्मिक जुड़ाव का दिन है।
पूजा सामग्री को न बहाएं
मिठाई, फूल, कपड़े और नारियल जैसी चीजें पानी में न डालें। इन्हें किसी पेड़ की जड़ में रखें या साफ जगह पर रखें।
विसर्जन के बाद पीछे मुड़कर न देखें
मान्यता है कि विसर्जन के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। यह गणपति जी को अगले वर्ष फिर से आने का निमंत्रण देने जैसा होता है।
गणेश विसर्जन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि अपने दुख, परेशानियों और नकारात्मक ऊर्जा को भी विसर्जित करने का प्रतीक है। यह दिन हमें सिखाता है कि जीवन में हर अच्छी चीज का सम्मान के साथ समापन भी जरूरी है ताकि आने वाला साल भी शुभ और मंगलकारी हो। इसलिए इस अनंत चतुर्दशी, जब आप “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारे लगाएं, तो इन बातों का जरूर ध्यान रखें ताकि आपकी श्रद्धा भी पूरी हो और प्रकृति भी सुरक्षित रहे। Ganesh Visarjan 2025