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हम रोज की तरह दफ्तर में बैठकर काम करने में मसरूफ थे कि अचानक एक साथ सबका फोन बीप करने लगा। हम सब एक दूसरे की तरफ हैरानी से ताकने लगे फिर जब इस बारे में थोड़ा सर्च किया तो मालूम हुआ कि यह राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) का इमरजेंसी मोबाइल अलर्ट ट्रायल का हिस्सा है।

हम रोज की तरह दफ्तर में बैठकर काम करने में मसरूफ थे कि अचानक एक साथ सबका फोन बीप करने लगा। हम सब एक दूसरे की तरफ हैरानी से ताकने लगे फिर जब इस बारे में थोड़ा सर्च किया तो मालूम हुआ कि यह राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) का इमरजेंसी मोबाइल अलर्ट ट्रायल का हिस्सा है। जिसके बाद हम सबने सुकून की सांस ली। ऐसे में अगर आपके फोन पर पर अचानक तेज बीप की आवाज आए और कुछ सेकंड बाद किसी महिला या पुरुष की आवाज में आपदा से जुड़ा अलर्ट सुनाई दे तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। यह कोई असली खतरे का संकेत नहीं, बल्कि एक तयशुदा इमरजेंसी ड्रिल का हिस्सा है। दरअसल, National Disaster Management Authority (NDMA) देशभर में आपातकालीन संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक बड़े स्तर पर टेस्ट कर रहा है। इसी क्रम में 2 मई 2026, शनिवार को सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का राष्ट्रव्यापी ट्रायल किया जा रहा है।
इस ड्रिल के दौरान आपके मोबाइल पर एक इमरजेंसी नोटिफिकेशन फ्लैश हो सकता है। इसके साथ तेज आवाज, अलार्म या वाइब्रेशन भी महसूस हो सकता है। अधिकारियों के मुताबिक, यह केवल एक टेस्ट मैसेज है जिसका उद्देश्य सिस्टम की कार्यक्षमता को जांचना है। इसका किसी वास्तविक आपदा या खतरे से कोई संबंध नहीं है।
अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा है कि अगर आपके फोन पर ऐसा अलर्ट आता है तो घबराएं नहीं। यह सिर्फ एक अभ्यास (ड्रिल) है जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में किसी आपदा की स्थिति में जानकारी समय पर लोगों तक पहुंच सके।
यह इमरजेंसी अलर्ट टेस्ट देश के कई हिस्सों में किया जा रहा है जिनमें दिल्ली-NCR सभी राज्यों की राजधानियां, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रमुख शहर शामिल हैं। हालांकि, सीमावर्ती क्षेत्रों और जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं वहां इस ड्रिल को शामिल नहीं किया गया है।
क्या है ड्रिल का असली मकसद?
आपदा के समय सूचना तेजी से लोगों तक पहुंचाना।
मोबाइल अलर्ट सिस्टम की क्षमता जांचना।
आपातकालीन संचार व्यवस्था को और मजबूत बनाना
सरकार चाहती है कि किसी भी प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदा के दौरान लोगों तक सही जानकारी तुरंत पहुंचे ताकि नुकसान को कम किया जा सके।
घबराएं नहीं।
अलर्ट को ध्यान से पढ़ें/सुनें।
इसे सिर्फ एक टेस्ट समझें।
किसी अफवाह पर भरोसा न करें।
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