प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर वडनगर में चेतना मंच की टीम सोम दादा के आमंत्रण पर वृद्धाश्रम पहुंची और वृद्ध महिलाओं के बीच वस्त्र-प्रसाद वितरित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76वां जन्मदिन 17 सितंबर 2026 को देशभर में सेवा, सामाजिक सरोकार और जनकल्याण के विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। लेकिन प्रधानमंत्री की जन्मभूमि गुजरात प्रदेश के वडनगर गांव में जन्मदिन का उत्सव एक अलग ही संदेश देता नजर आया। यहां उत्सव के साथ सेवा, स्वच्छता और समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के प्रति संवेदनशीलता को प्रमुखता दी गई। इसी अवसर पर चेतना मंच की टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़े भाई सोम दामोदर दास मोदी, जिन्हें स्नेह से ‘सोम दादा’ कहा जाता है, के आमंत्रण पर वडनगर पहुंची।चेतना मंच की टीम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गांव में सोम दादा की देखरेख में संचालित वृद्धाश्रम में रहने वाली वृद्ध महिलाओं के बीच वस्त्र-प्रसाद का वितरण किया। वृद्ध महिलाओं के बीच पहुंचकर सेवा करने का यह दृश्य प्रधानमंत्री के जन्मदिन को केवल उत्सव नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और सेवा से जोड़ने वाली तस्वीर बन गया। इस अवसर पर चेतना मंच की टीम के साथ महाराष्ट्र के सामाजिक कार्यकर्ता राजेश जैन, वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार चौधरी, वीडियो एडिटर दीपक त्यागी तथा चेतना मंच टीम के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि गुजरात प्रदेश का वडनगर गांव देश और दुनिया के लिए इसलिए भी विशेष महत्व रखता है क्योंकि यही वह स्थान है जहां से नरेंद्र मोदी के जीवन की प्रारंभिक यात्रा शुरू हुई। प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर जब देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित हो रहे थे, उसी समय चेतना मंच की टीम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गांव वडनगर में सेवा के एक ऐसे कार्यक्रम में सहभागिता की, जिसका केंद्र समाज की बुजुर्ग महिलाएं रहीं। सोम दादा के आमंत्रण पर वृद्धाश्रम पहुंची चेतना मंच की टीम ने वहां रहने वाली महिलाओं से मुलाकात की, उनका कुशलक्षेम जाना और उनके बीच वस्त्र- प्रसाद वितरित करने में सहयोग प्रदान किया। सेवा के इस कार्यक्रम का संदेश सीधा था—जन्मदिन का उत्सव केवल शुभकामनाओं और समारोह तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें स्नेह, सम्मान और सहयोग की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गांव वडनगर से देश को मिला ‘सेवा संकल्प’ का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर वडनगर में व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वडनगर से महीने भर चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। ऐतिहासिक शर्मिष्ठा झील पर महाआरती आयोजित की गई। इसके बाद प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शर्मिष्ठा झील से हाटकेश्वर मंदिर तक पदयात्रा की। वडनगर रेलवे स्टेशन पर स्वच्छता अभियान में भी सहभागिता की गई।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के दिन ही 17 सितंबर 2026 को दुनिया भर में विश्वकर्मा जयंती भी मनाई गई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्वकर्मा जयंती के मौके पर भारत के तमाम इंजीनियरों, कारीगरों तथा दस्तकारों को विश्वकर्मा जयंती की बधाई देते नजर आए। इस दौरान एक बहुत बड़ा काम यह भी हुआ कि प्रधानमंत्री की कर्मभूमि यानी उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी से उनकी जन्मभूमि वडनगर तक एक बाइक यात्रा का शुभारंभ हुआ, ठीक उसी समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि वडनगर से भी उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लिए एक बाइक यात्रा शुरू हुई। वडनगर में बाइक यात्रा के गवाह बने चेतना मंच के संपादक आर.पी. रघुवंशी ने बताया कि वडनगर से वाराणसी तथा वाराणसी से वडनगर के बीच शुरू हुई बाइक यात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि यह सेवा और राष्ट्रीय एकता का बड़ा संदेश है। चेतना मंच के संपादक आर पी रघुवंशी के अनुसार वडनगर से शुरू हुई यात्रा 10 राज्यों और अनेक जिलों से होकर वाराणसी पहुंचेगी तथा अभियान का समापन 7 अक्टूबर को होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर पूरे भारत सहित गुजरात प्रदेश में सेवा और सामाजिक भागीदारी से जुड़े अनेक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इनमें स्वच्छता अभियान, पौधारोपण, दीप प्रज्ज्वलन और अन्य जनभागीदारी वाले कार्यक्रम शामिल रहे। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वडनगर में श्रमदान और पौधारोपण कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन देश में राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय रहा, लेकिन वडनगर के वृद्धाश्रम में दिखाई दी तस्वीर का केंद्र राजनीति नहीं बल्कि मानवीय संवेदना था। वृद्ध महिलाओं के बीच वस्त्र- प्रसाद का वितरण, उनके साथ संवाद और उनका सम्मान—इन दृश्यों ने यह संदेश दिया कि किसी सार्वजनिक अवसर की सार्थकता समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने से भी जुड़ी होती है। चेतना मंच की टीम की वडनगर यात्रा में यही पहलू सबसे अधिक महत्वपूर्ण रहा। प्रधानमंत्री की जन्मभूमि पर उनके जन्मदिन के अवसर पर सेवा कार्य में शामिल होना चेतना मंच के लिए भी एक विशेष अनुभव रहा।

वडनगर गुजरात के मेहसाणा जिले में स्थित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि है। 17 सितंबर को देशभर की निगाहें इस ऐतिहासिक शहर पर रहती हैं। इस बार भी वडनगर में प्रधानमंत्री के जन्मदिन के साथ उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को केंद्र में रखकर व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए गए। शर्मिष्ठा झील की महाआरती से लेकर हाटकेश्वर मंदिर तक पदयात्रा और स्वच्छता अभियान तक—वडनगर में दिनभर सेवा एवं जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रमों की श्रृंखला दिखाई दी। लेकिन इन तमाम बड़े आयोजनों के बीच वृद्धाश्रम में पहुंचकर वृद्ध महिलाओं के बीच वस्त्र-प्रसाद बांटती हुई चेतना मंच की टीम की तस्वीर एक अलग मानवीय कहानी कहती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर वडनगर में हुए कार्यक्रमों ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया। बड़े राजनीतिक और सार्वजनिक आयोजनों के बीच सेवा की छोटी-सी पहल भी अपने भीतर बड़ा संदेश समेटे दिखाई दी। वडनगर में एक तरफ शर्मिष्ठा झील पर महाआरती और सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ हुआ, तो दूसरी तरफ वृद्धाश्रम में बुजुर्ग महिलाओं के बीच वस्त्र-प्रसाद बांटकर सेवा का वह स्वरूप सामने आया, जिसमें उत्सव से ज्यादा इंसानियत दिखाई दी। यही बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गांव वडनगर की चेतना मंच की यात्रा की सबसे यादगार तस्वीर बन गई—प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर जन्मभूमि से सेवा, सम्मान और संवेदना का संदेश।
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