गौरतलब है कि 2019 के आम चुनाव के प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने कर्नाटक में मोदी उपनाम (सरनेम) पर विवादित टिप्पणी ‘सभी चोरों का मोदी उपनाम क्यों है?’ की थी। इसे लेकर गुजरात के सूरत की एक अदालत में दायर फौजदारी मानहानि के मामले में कांग्रेस नेता को पिछले महीने दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनायी थी। उसके बाद उनकी लोकसभा की सदस्यता समाप्त हो गई थी। राहुल की इसी टिप्पणी को लेकर भाजपा के राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने पटना की अदालत में उन पर मानहानि का मुकदमा किया है।
Modi Surname
पहले 12 अप्रैल को होना था पेश
विशेष न्यायिक दंडाधिकारी आदि देव की एमपी-एमएलए अदालत ने इस साल 18 मार्च को एक आदेश पारित कर राहुल गांधी को 12 अप्रैल को पेश होने को कहा था। हालांकि, बुधवार को सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने अदालत से दूसरी तारीख देने का अनुरोध करते हुए कहा कि फिलहाल पूरी टीम सूरत वाले मुकदमे में व्यस्त है। इस पर, न्यायाधीश ने गांधी के वकील से कहा कि वह मामले की अगली सुनवाई के दिन, 25 अप्रैल को कांग्रेस नेता की सशरीर उपस्थिति सुनिश्चित करें।
सुनवाई पूरी होने के तुरंत बाद, सुशील मोदी की ओर से बहस करने वाली एक वरिष्ठ वकील प्रिया गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा कि शिकायतकर्ता के पक्ष की ओर से सारी गवाही हो चुकी है, सभी साक्ष्य अदालत को दिए जा चुके हैं और अब गांधी का बयान दर्ज होना बाकी है।
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