
Mohali blast पंजाब पुलिस के खुफिया विभाग के मुख्यालय पर देर शाम (Mohali blast) धमाके की जांच पड़ताल पंजाब पुलिस द्वारा तेजी से की जा रही है, लेकिन अभी तक भी वह बात सामने नहीं आ सकी है, जिनका जवाब मिलना बेहद जरुरी है। इस मामले को लेकर पुलिस अफसरों के बयान भी अलग अलग हैं।
आपको बता दें कि पंजाब के मोहाली स्थित पुलिस पुलिस के खुफिया विभाग के मुख्यालय पर सोमवार की देर शाम ब्लास्ट हुआ था। यहां पर रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड फेंका गया था। इस हमले को लेकर आतंकी कनेक्शन से इनकार किया जा रहा है। लेकिन कुछ ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब तलाश किया जाना पंजाब पुलिस के लिए बेहद जरुरी है।
1. मोहाली में जो धमाका हुआ है, क्या उसे किसी आंतकवादी संगठन ने अंजाम दिया है। यह प्रश्न अब तक अनसुलझा है। पंजाब पुलिस की ओर से पहले कहा गया कि हमले में कोई आतंकी कनेक्शन नहीं है। लेकिन शनिवार की दोपहर पंजाब पुलिस के डीजीपी वीके भावरा ने भी कहा कि जो भी होगा वह बता दिया जाएगा। आज मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि हो सकता है कि हमले में टीएनटी का प्रयोग हुआ हो। आपको बता दें कि टीएनटी बेहद विस्फोटक सामग्री होती है।
2. पंजाब पुलिस और सरकार इस धमाके पर अलग अलग बातें कर रही हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज डीजीपी समेत कई बड़े अधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक के बाद उन्होंने कहा था कि धमाका मामले में कुछ गिरफ्तारी हुई हैं। वहीं डीजीपी ने जब मीडिया से बात की तो उन्होंने किसी भी तरह की गिरफ्तारी का जिक्र नहीं किया। हालांकि सूत्रों के अनुसार 11 लोग हिरासत में लिए गए हैं।
3. हमला होने के बाद पता चला है कि हमले में रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड का प्रयोग हुआ है। मुख्यालय भवन की तीसरी मंजिल पर ग्रेनेड दागा गया था। बाद में आशंका जताई गई कि पंजाब में ग्रेनेड फकेने के लिए प्रयोग आरपीजी रुस में बना आरपीजी RPG-26 Aglen हो सकता है। रुस से इसकी फोटो 2016 में सामने आई थी, दोनों एक जैसी हैं। इसे देखकर आरपीजी रुसी होने का शक है। हालांकि अब तक कुछ साफ नहीं हो सका है।
4. पंजाब में पिछले कुछ दिनों से खालिस्तानी समर्थक आंतकी फिर से सक्रिय दिख रहे हैं। पटियाला हिंसा में खालिस्थानी समर्थकों का नाम सामने आए थे। करनाल से दो खालिस्थानी समर्थक पकड़े भी गए थे। पंजाब के साथ साथ हिमाचल प्रदेश में भी खालिस्थानी सक्रिय हो रहे हैं। धर्मशाला में मौजूद हिमाचल विधानसभा के बाहर खालिस्थानी झंडे देखे गए थे। सिख फॉर जस्टिस की तरह से बार बार हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर को धमकी दी जा रही है। कहा जा रहा है कि हिमाचल में जनमत संग्रह कराकर इसे दुबारा पंजाब का हिस्सा बनाया जाएगा।
5 इस बात को अब तक साफ नहीं किया गया है कि जो हमला हुआ है, उसमें पाकिस्तानी आतंकियों का हाथ या नहीं। माना जा रहा है कि हमले में प्रयोग रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड को ड्रोन की मदद से पाक से भारत भेजा गया था। ऐसा इसलिए माना जा रहा है कि क्योंकि पाक ने पिछले कुछ समय से ड्रोन से गतिविधियां बढ़ाई हैं। ड्रग्स के साथ साथ हथियार भी ड्रोन की मदद से भारत भेजे जा रहे हैं।