इसे दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि मानवता के पक्ष में खड़ा हुआ मोहम्मद दीपक नाम का यह युवक बेहतरीन काम करके भी बड़ी मुश्किल में फंस गया है। पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन चुका दीपक बड़ी आर्थिक तंगी में फंस गया है। अब एक प्रदेश की सरकार ने मोहम्मद दीपक को बुलावा भेजा है।

Mohammad Deepak : दीपक के नाम से मोहम्मद दीपक बने उत्तराखंड के युवक का मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। मोहम्मद दीपक के नाम से प्रसिद्ध हो चुका यह युवक मानवता की सेवा करने की मिसाल बन चुका है। इसे दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि मानवता के पक्ष में खड़ा हुआ मोहम्मद दीपक नाम का यह युवक बेहतरीन काम करके भी बड़ी मुश्किल में फंस गया है। पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन चुका दीपक बड़ी आर्थिक तंगी में फंस गया है। अब एक प्रदेश की सरकार ने मोहम्मद दीपक को बुलावा भेजा है।
खबर फैल रही है कि अपने आपको मोहम्मद दीपक बताने वाले युवक का जिम का कारोबार ठप्प होने की कगार पर है। मोहम्मद बनने से पहले दीपक के जिम में 150 से ज्यादा सदस्य थे। मोहम्मद बनने की घटना के बाद उसके जिम में कुल 15 सदस्य रह गए हैं। इस कारण दीपक के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। आर्थिक संकट का पता चलने पर झारखंड प्रदेश की सरकार के मंत्री इरफान अंसारी ने मोहम्मद दीपक को झारखंड आने का न्यौता दिया है। इरफान अंसारी झारखंड सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं। मंत्री का यह न्यौता भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया पर खुद एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में इरफान अंसारी मोहम्मद दीपक से बात करते नजर आ रहे हैं। इरफान अंसारी कहते नजर आ रहे हैं कि झारखंड के लोग आपको सम्मान देना चाहते हैं। इसके लिए आग्रह है कि आप झारखंड आएं। इसके जवाब में दीपक ने कहा कि मेरी घर में मम्मी और वाइफ की तबीयत खराब है। आगे देखें वीडियो में क्या बातचीत हुई दोनों के बीच। वीडियो शेयर करते हुए मंत्री ने लिखा कि दीपक (मोहम्मद दीपक) ने झारखंड आने का मेरा निमंत्रण स्वीकार किया है। उनसे हुई भावनात्मक बातचीत ने एक बार फिर यह विश्वास मजबूत किया कि भारत की असली ताकत भाईचारे, इंसानियत और धर्मनिरपेक्षता में है। झारखंड के मंत्री ने आगे लिखा है कि आज जब समाज में नफरत फैलाने की कोशिश हो रही है, दीपक जैसे युवाओं का साहस नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है। बजट सत्र के बाद उनका भव्य स्वागत झारखंड में किया जाएगा और मार्च के बाद हजारों लोगों के बीच उनका सम्मान किया जाएगा। मैं देहरादून जाकर उन्हें सम्मानित करूंगा तथा 2,00,000 की सम्मान राशि भेंट करूंगा — यह राशि नहीं, बल्कि मोहब्बत, सद्भाव और एकता का संदेश है। आप भी देखें पूरा वीडियो।
आपको दीपक कुमार से मोहम्मद दीपक बने युवक का पूरा परिचय दे देते हैं। मोहम्मद दीपक उर्फ दीपक कुमार एक पेशे से जिम ट्रेनर हैं। मोहम्मद दीपक कोटद्वार में बॉडी बिल्डिंग की ट्रेनिंग देते हैं। दीपक का जिम कोटद्वार के बद्रीनाथ मार्ग के पास है। पिछले कई सालों से वह युवाओं को फिट रहने की ट्रेनिंग देते हैं। उनके पिता का देहांत करीब 15 साल पहले हो गया था दीपक शादीशुदा है और उनकी एक बेटी भी है। उनकी मां आज भी कोटद्वार में एक टी स्टॉल चलती हैं। दीपक कुमार पिछले 30 सालों से जिम फिटनेस और जिम ट्रेनिंग का काम कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारो को बताया कि उनका जन्म और पढ़ाई-लिखाई कोटद्वार में ही हुई है। ग्रेजुएशन उन्होंने श्रीनगर गढ़वाल यूनिवर्सिटी से किया। वह बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में मुंबई भी जा चुके हैं। बॉडी बिल्डिंग ओलंपियाड में वह टॉप सिक्स में रहे थे। 26 जनवरी 2026 को हुई एक घटना के बाद दीपक के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की बाढ़ आ गई है। लगातार लोग उनको फॉलो कर रहे हैं। दीपक कुमार बेहद सामान्य घर से आते। वह न सिर्फ जिम में फिटनेस की ट्रेनिंग देते हैं बल्कि अपने फेसबुक, इंस्टाग्राम से भी ऑनलाइन फिटनेस टिप्स देते हैं।
दीपक कुमार ने क्यों मोहम्मद दीपक नाम अपना बताया। इसके पीछे की कहानी यह है कि 26 जनवरी 2026 को कोटद्वार में एक दुकान के नाम को लेकर हिंदूवादी संगठनों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। क्योंकि इस दुकान का नाम बाबा स्कूल गारमेंट्स था। हिंदूवादी संगठनों का कहना था कि मुस्लिम दुकानदार बाबा नाम नहीं रख सकता, क्योंकि बाबा नाम हिंदुओं से जुड़ा है। इसके पीछे की वजह वे लोग कोटद्वार के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर जिनका नाम सिद्धबली बाबा से जोड़ रहे थे। ऐसे में वकील अहमद नाम के मुस्लिम दुकानदार ने कहा कि उनकी दुकान पिछले 30 साल पुरानी है। वह कोटद्वार में पिछले 30 साल से कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में किसी ने भी बाबा नाम शब्द पर आपत्ति दर्ज नहीं कराई। उन्होंने कहा कि बाबा नाम सभी धर्मों में लिया जाता है। इसका सिद्धबली बाबा से कोई लेना-देना नहीं। इसी दौरान दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक वकील अहमद के बचाव में आए और उन्होंने बजरंग दल और हिंदूवादी संगठन के लोगों से बातचीत की, लेकिन इस दौरान मामला गंभीर हो गया। इस बहस में दीपक कुमार ने हिंदूवादी संगठन और बजरंग दल के लोगों के सवाल पूछे जाने पर कहा कि मेरा नाम मोहम्मद दीपक है और यही नाम 26 जनवरी 2026 से देशभर में ट्रोल कर रहा है। इस पर सोशल मीडिया पर रील भी बन रही हैं। दीपक कुमार से जब पूछा गया कि आप ने क्या सोचकर मोहम्मद दीपक नाम लिया और क्या कारण था कि आप उसे भीड़ में बीच बचाव में गए। इस पर उन्होंने कहा कि मैं एक आम इंसान हूं। मैं ना हिंदू हूं ,न मुसलमान, न सिक्ख और न ईसाई। उन्होंने इंसानियत को सबसे बड़ा धर्म बताया। उन्होंने कहा कि मरने के बाद इंसान के कर्म ही देखे जाते हैं कि उसने कैसा कर्म किया है।
दीपक कुमार ने पत्रकारों को बताया कि जब बजरंग दल के 8 से 10 कार्यकर्ता वकील अहमद की दुकान में जब उनका नाम पूछ रहे थे को अचानक से उनकी जुबान पर मोहम्मद दीपक नाम आया। ये नाम बोलने का मकसद बजरंग दल कार्यकर्ताओं को ये बताना था कि वह एक आम इंसान हैं और देश के नागरिक हैं। भारत में सभी को रहने का हक है। किसी एक व्यक्ति को बेवजह टारगेट करना बिल्कुल गलत है। 26 जनवरी 2026 के बाद से दीपक कुमार की जिंदगी पूरी तरह से बदल गई है। लोग उनको फोन कर रहे हैं। उन्होंने कभी ये सोचा नहीं था कि ये सब हो जाएगा और उनको लोग इतना पसंद करेंगे। वह बेहद सामान्य घर से आते हैं। उनके परिवार का पेट इसी जिम से चलता है। लेकिन इस घटना के बाद जिम का काम भी बंद है। उनकी मां लगातार चाय की दुकान चला रही हैं। Mohammad Deepak