प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले साल 30 मई को सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया था। वह तिहाड़ जेल में बंद हैं। जैन पर चार कंपनियों के जरिए धन शोधन करने का आरोप है। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार शर्मा ने मामले के सह-आरोपी वैभव जैन और अंकुश जैन की जमानत याचिका भी खारिज कर दी।
उच्च न्यायालय ने कहा कि निचली अदालत के जमानत याचिका खारिज करने के फैसले में कोई भी अवैधता या कोई खामी नहीं है। निचली अदालत के पिछले साल 17 नवंबर को सुनाए गए आदेश को तीनों आरोपियों ने चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने जांच एजेंसी और ‘आप’ नेता के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद 21 मार्च को जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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