MP News: बीजेपी "रिपोर्ट कार्ड" ने बढ़ा दी मध्यप्रदेश के नेताओं की धड़कन, इन नेताओं के कट सकते है टिकट!
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भारत
RP Raghuvanshi
28 Nov 2025 05:07 PM
भारत
RP Raghuvanshi
28 Nov 2025 05:07 PM
MP News: शिवम दुबे / मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव भी कर्नाटक चुनाव की ही तरह हो चला है । बीजेपी में अंदरूनी कलह बढ़ती जा रही है। कई सीनियर नेता पार्टी छोड़ चुके हैं वहीं, कई नेता नाराज बताए जा रहे हैं। बीजेपी ने मौजूदा विधायकों का रिपोर्ट कार्ड तैयार कराया है। माना जा रहा है कि बीजेपी कई विधायकों के टिकट काट सकती है । मध्य प्रदेश में राजनीतिक तापमान बढ़ना शुरू हो गया है। सत्तारूढ़ भाजपा को कांग्रेस से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही भगवा पार्टी में आंतरिक कलह भी बढ़ रहा है। अगर 15 महीने पुरानी यानी कमल नाथ सरकार को छोड़ दे तो भाजपा दो दशकों से राज्य में सत्ता में है। बीजेपी अपने चुने हुए प्रतिनिधियों का रिपोर्ट कार्ड बना रही है, लेकिन ये रिपोर्ट कॉर्ड कई नेताओं को रास नहीं आएगा क्योंकि बताया जा रहा है की कई बड़े नेताओं के टिकट इस विधानसभा चुनाव में काटे जा सकते है।
MP News: कई बड़े नेताओं के टिकट इस विधानसभा चुनाव में काटे जा सकते है
कुछ को टिकट मिलने और कुछ के टिकट काटे जाने पर पार्टी कैडर में टकराव की स्थिति भी पैदा होती दिख रही है। वे एक-दूसरे को सबक सिखाने की कोशिश कर रहे हैं, पार्टी को अंतरिक रूप से कमजोर कर रहे हैं। बुन्देलखण्ड के सागर जिले में पिछले कई सालों से शिवराज कैबिनेट में मंत्री गोपाल भार्गव , भूपेन्द्र सिंह और गोविंद सिंह के बीच अपने राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने जब मंत्रियों को शांत कराया तो यह टकराव खुलकर सामने आ गया। हालांकि, खेल अभी खत्म नहीं हुआ है। खेल तो अभी शुरू हुआ है।
MP News: विधायक-सांसद का दावा
विंध्य क्षेत्र में सतना से सांसद गणेश सिंह और मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में हैं। ये दोनों पिछले चुनाव में दूसरे को जिताने का दावा कर रहे हैं। यहां तक कि उन्होंने मुख्यमंत्री और शर्मा से भी शिकायत की है अपने अपने स्तर पर।
MP News: सत्ता विरोधी लहर
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मध्य प्रदेश में करीब दो दशक से बीजेपी की सरकार है और जब भी कोई पार्टी इतने लंबे समय तक सत्ता में रहती है, तो उसे सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ता है। भाजपा के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रही है और भगवा पार्टी को कलह का सामना करना पड़ रहा है, इससे निपटना शिवराज सिंह चौहान के लिए आसान नहीं होगा।