
ग्वालियर का फूलबाग मंदिर[/caption]
MP News फूलबाग स्थित गोपाल मंदिर शहर के प्राचीन मंदिरों में से एक है। यह लगभग 1000 साल पुराना बताया जाता है। 1921 में सिंधिया राज के तत्कालीन महाराज माधवराव ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था। भगवान के श्रृंगार के लिए सिंधिया ने ही गहने बनवाए थे। गोपाल मंदिर में स्थापित भगवान राधा-कृष्ण की प्रतिमा को इन जेवरात से सुसज्जित करने की परंपरा आजादी के पूर्व से है। जन्माष्टमी के अवसर पर राजपरिवार के लोग वा आमजन दर्शन को आते थे।
MP News[/caption]
आजादी के बाद गोपल मंदिर और उससे जुड़ी सारी सम्पत्ति जिला प्रशासन और निगम प्रशासन के आधीन हो गया । इन जेवरातों में हीरे-जवाहरात से जड़ा स्वर्ण मुकुट, पन्ना और सोने का सात लड़ी का हार, शुद्ध मोती की मालाएं, हीरे जड़े कंगन, हीरे व सोने की बांसुरी, प्रतिमा का विशालकाय चांदी का छत्र, चांदी के बर्तन, भगवान श्रीकृष्ण व राधा के झुमके, सोने की नथ, कंठी, चूडियां, कड़े समेत अन्य बहुत सा सामान शामिल हैं। इन जेवरात को बैंक के लॉकर से भारी सुरक्षा के बीच लाया जाता है और श्रृंगार किया जाता है । फिर मंदिर के पट भक्तों के लियें खोल दिये जाते है ।
MP News
इतना ही नहीं इस मंदिर की सुरक्षा में बड़ी संख्या में सुरक्षा जवानों की तैनाती होती है। पूरे मंदिर की निगरानी सीसीटीवी कैमरे से की जाती है ।
देश-दुनिया की लेटेस्ट खबरों से अपडेट रहने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें।
ग्रेटर नोएडा– नोएडा की खबरों से अपडेट रहने के लिए चेतना मंच से जुड़े रहें।