MP News : परिवार को परिभाषित करने के लिए 151 बुजुर्गों ने जीवन संगिनी संग लिए सात फेरे
To define the family, 151 elders took seven rounds with their life partner
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:30 AM
Bhopal : भोपाल। कहते हैं विवाह एक नहीं, सात जन्मों का बंधन होता है। इस मर्म को समझते हुए बुजुर्गों ने अपनी अर्द्धांगिनी के साथ फिर से सात फेरे लिए। इस अनूठे कार्यक्रम का आयोजन मध्य प्रदेश के खंडवा में भारत विकास परिषद और अखिल विश्व गायत्री परिवार के सहयोग से किया गया। इसमें 151 बुजुर्गों ने अपनी जीवन संगिनी के साथ सात फेरे लिए। विवाह समारोह में जोड़ों के नाती-पोते जमकर थिरके।
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रिटायर्ड इंजीनियर विनोद गंगवाल और करीब 6-7 दूल्हे घोड़ी पर चढ़कर शादी रचाने आए। रिटायर्ड डिप्टी रेंजर 62 वर्षीय महेश राठौर भी दूल्हा बने। राठौर की कमर में दर्द था। वे नीचे नहीं बैठ पा रहे थे, इसलिए टेबल-कुर्सी पर ही विवाह की रस्में पूरी की गईं। दंपती ने कहा कि भले ही कमर में दर्द हो, लेकिन हमारे हौसले को ये दर्द भी रोक नहीं सकता। एलआईसी के विकास अधिकारी मनीष शुक्ला व पत्नी शिवा शुल्ला ने अपनी यादों को ताजा करते हुए 25 साल पुराने शादी के जोड़े को पहना। बारात में बुजुर्ग और उनके दोस्तों ने जमकर डांस करते हुए फूलों की बारिश की। वृद्ध दंपतियों के चहरे भी खिल उठे। दंपतियों ने एक से बढ़कर एक शादी के जोड़े पहने थे। विनोद-सुनीता गंगवाल, सनत-चित्रा श्रीमली ने कहा समाज को जागरूक करने वाले इस तरह के आयोजन की बहुत जरूरत है।
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नवकार नगर स्थित गार्डन में हुई शादी का ऐसा अनूठा उल्लास शहर में पहली बार देखने को मिला। गार्डन भी दुल्हन की तरह सजाया गया। भारत विकास परिषद के अध्यक्ष अजय लाड़ ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य गृहस्थ जीवन में बढ़ रही दूरियां चिंता का विषय हो गई हैं। वर्तमान समाज का पतन इतना हो गया है कि माता-पिता, दादा-दादी का बंटवारा होने लगा है। परिवार में नित्य लड़ाई झगड़े मनमुटाव, ईष्या-द्वेष, पक्षपात दिनों दिन बढते जा रहे हैं। हमारे परिवारों में स्नेह, मान-सम्मान, त्याग, सहकार का सर्वथा अभाव हो गया है। संयुक्त परिवार अब उंगलियों पर गिने जा सकते हैं। आज परिवार की परिभाषा बदल गई है। पति-पति और बच्चे, बस यही परिवार माना जाने लगा है। इन्हीं विषयों को ध्यान में रखते हुए खंडवा शहर के सामाजिक कार्यकर्ता, प्रतिनिधि, समाजसेवी व अन्य 151 दंपतियों ने पुनः सात फेरे लेकर गृहस्थ जीवन के सात वचनों को याद दिलाने का प्रयास किया है।