मनसे नेता के बेटे पर नशे में धुत होकर महिला से अभद्रता का आरोप, एफआईआर दर्ज
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 08:13 PM
Mumbai News : महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के वरिष्ठ नेता के बेटे पर सार्वजनिक स्थान पर नशे की हालत में महिला से दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब अभिनेत्री राखी सावंत की करीबी मित्र राजश्री मोरे ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए दावा किया कि रविवार रात अंधेरी में उनके साथ यह घटना घटी।
क्या है मामला?
राजश्री मोरे ने आरोप लगाया है कि मनसे नेता जावेद शेख के बेटे राहिल शेख ने 6 जुलाई की रात नशे की हालत में उनकी कार को टक्कर मार दी और फिर अर्धनग्न अवस्था में उनके साथ गाली-गलौज की और धमकी दी। उन्होंने घटना का वीडियो भी सार्वजनिक किया है, जिसमें राहिल को आक्रामक तेवर में पुलिस और राजश्री से बहस करते देखा जा सकता है। वीडियो में राहिल कहते सुना जा सकता है, "जाओ पुलिस को बोलो कि मैं जावेद शेख का बेटा हूं, फिर देखना क्या होता है।"
एफआईआर दर्ज, राजनीतिक रंग भी मिला
राजश्री मोरे ने अपने सोशल मीडिया पर एफआईआर की कॉपी साझा की है, जिसमें उन्होंने शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न, सार्वजनिक रूप से अपमान, और महिला सुरक्षा से संबंधित धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले को राजनीतिक रंग तब मिला जब राजश्री ने यह दावा किया कि उन्हें मराठी भाषा थोपने के मुद्दे पर दिए गए अपने पुराने बयानों के कारण निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इससे पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो में कहा था कि, "मराठी लोगों को मेहनत करनी चाहिए, भाषा थोपना समाधान नहीं है।" इस बयान को लेकर मनसे कार्यकतार्ओं ने उनके खिलाफ ओशिवारा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने वीडियो हटाकर सार्वजनिक माफी भी मांगी थी।
राजनीतिक दल की छवि पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर राजनीतिक दलों के नेताओं और उनके परिवारजनों की सार्वजनिक आचरण को लेकर बहस छेड़ दी है। मनसे जैसे क्षेत्रीय दल, जो महाराष्ट्र की अस्मिता और संस्कृति की रक्षा का दावा करते हैं, उनके वरिष्ठ नेता के बेटे पर लगे ऐसे आरोप पार्टी की साख पर गंभीर असर डाल सकते हैं। Mumbai News
पुलिस कर रही जांच, राजनीतिक हलकों में हलचल
मुंबई पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी को पूछताछ के लिए जल्द तलब किया जा सकता है। हालांकि इस मामले में मनसे नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह घटना सिर्फ एक सड़क पर हुई टक्कर या गाली-गलौज की नहीं, बल्कि महिला सुरक्षा, राजनीतिक जवाबदेही और भाषाई असहिष्णुता जैसे गंभीर मुद्दों से जुड़ी हुई है। देखना होगा कि क्या इस मामले में न्यायिक कार्रवाई निष्पक्ष होती है या यह भी राजनीतिक रसूख की भेंट चढ़ता है। Mumbai News