उल्हासनगर में मनपा का बड़ा एक्शन, 17 संपत्तियां सील, डिफॉल्टर्स में हड़कंप

मनपा आयुक्त मनीषा अव्हाले के आदेश और अतिरिक्त आयुक्त किशोर गवस तथा उपायुक्त विशाखा मोटघारे के मार्गदर्शन में संपत्ति कर विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी की। इस दौरान कुल 17 संपत्तियों को सील कर दिया गया।

Ulhasnagar Municipal Administration
आयुक्त के आदेश पर बड़ी कार्रवाई (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar28 Feb 2026 05:33 PM
bookmark

Ulhasnagar MNC Action: उल्हासनगर मनपा प्रशासन ने कर चोरी करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 17 संपत्तियों को सील कर दिया है। मौखिक आग्रह, बार-बार नोटिस जारी करने और 'अभय योजना' के बावजूद भी जो संपत्ति मालिक कर जमा नहीं कर रहे थे, प्रशासन ने उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सीधे सीलिंग का अभियान शुरू कर दिया है। मनपा के इस ठोस और साहसिक कदम से शहर के डिफॉल्टर्स में हड़कंप मच गया है और कई लोग भुगतान के लिए आगे आ रहे हैं।

अब सीधे संपत्ति सील करने की कार्रवाई

इस संदर्भ में मनपा के गृह कर विभाग की कर निर्धारक एवं संकलक अधिकारी नीलम कदम ने बताया कि आयुक्त मनीषा अव्हाले के स्पष्ट निर्देशों के अनुसार बकाया संपत्ति कर की वसूली के लिए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कई नोटिस, व्यक्तिगत संपर्क और जन अपील के बावजूद कुछ नागरिकों ने कर का भुगतान नहीं किया। इसलिए प्रशासन को अब संपत्ति को सीधे सील करने की कार्रवाई करनी पड़ रही है।

अभय योजना को लेकर फैली गलतफहमी दूर

नीलम कदम ने 'अभय योजना' को लेकर फैली गलतफहमियों को भी दूर किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना केवल आवासीय संपत्ति मालिकों के लिए लागू है, गैर-आवासीय संपत्तियों के लिए नहीं। उन्होंने नागरिकों से निवेदन किया कि वे बिना किसी झिझक के तुरंत अपना बकाया भुगतान करें। मनपा के इस कदम से बकाया राशि के भुगतान में तेजी आई है और शहर के राजस्व में वृद्धि की उम्मीद है।

मौके पर भुगतान करने पर उठी सील

मनपा आयुक्त मनीषा अव्हाले के आदेश और अतिरिक्त आयुक्त किशोर गवस तथा उपायुक्त विशाखा मोटघारे के मार्गदर्शन में संपत्ति कर विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी की। इस दौरान कुल 17 संपत्तियों को सील कर दिया गया। गौरतलब है कि कार्रवाई के दौरान ही कुछ डिफॉल्टर्स ने तुरंत चेक जमा करके अपना बकाया चुका दिया, जिसके बाद प्रशासन ने उनकी संपत्तियों से सील हटा दी। प्रशासन का संदेश स्पष्ट है कि अब कर भुगतान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। Ulhasnagar MNC Action

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

मुंबई: फोटो की जिद में विदेशी व्लॉगर का 15 मिनट तक पीछा, वीडियो वायरल

वायरल क्लिप में साफ दिख रहा है कि एक व्यक्ति बार-बार उनसे फोटो लेने की जिद कर रहा है, जबकि इनेस लगातार उन्हें मना कर रही हैं। आरोप है कि मना करने के बावजूद दोनों लोग पीछे हटने के बजाय और करीब आने की कोशिश करते रहे।

Mumbai Travel Vlogger Harassment Case
विदेशी व्लॉगर ने शेयर किया वीडियो (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar28 Feb 2026 03:18 PM
bookmark

Mumbai Travel Vlogger Harassment Case : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक विदेशी महिला ट्रैवल व्लॉगर के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। व्लॉगर ने आरोप लगाया कि दो लोगों ने उनसे जबरदस्ती फोटो खिंचवाने की जिद करने के साथ ही करीब 15 मिनट तक उनका पीछा किया। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में आक्रोश व्याप्त है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

विदेशी ट्रैवल व्लॉगर इनेस फरिया (Ines Faria) ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर कर इस घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वह भारत में पिछले दो महीनों से यात्रा कर रही थीं, लेकिन पहली बार उन्हें ऐसी अनहोनी का सामना करना पड़ा। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि वह एक सार्वजनिक स्थान पर चल रही हैं और दो व्यक्ति लगातार उनके पीछे जा रहे हैं।

वीडियो में दिखा दृश्य

वायरल क्लिप में साफ दिख रहा है कि एक व्यक्ति बार-बार उनसे फोटो लेने की जिद कर रहा है, जबकि इनेस लगातार उन्हें मना कर रही हैं। आरोप है कि मना करने के बावजूद दोनों लोग पीछे हटने के बजाय और करीब आने की कोशिश करते रहे। वीडियो में एक विंडबाइंड पर दिखता है कि महिला ने खुद को दूर रखने के लिए एक व्यक्ति को हल्का धक्का भी दिया। हालांकि वह बाहर से शांत दिख रही हैं, लेकिन उनके चेहरे पर असहजता साफ झलक रही है।

व्लॉगर ने क्या लिखा?

वीडियो के कैप्शन में इनेस ने लिखा कि यह अनुभव काफी परेशान करने वाला था। उन्होंने लिखा, "भारत में अपने दो महीने के सफर के दौरान यह पहला मौका था जब मुझे ऐसा कुछ हुआ।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत में ज्यादातर लोगों का व्यवहार बहुत अच्छा और स्वागत करने वाला रहा है, लेकिन कुछ लोगों की ऐसी हरकतें परेशानी का कारण बनती हैं।

सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया

वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने महिला से माफी मांगते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं देश की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। एक यूजर ने लिखा, "माफी की बात से शर्मिंदा हूं, अजनबियों को परेशान करना कोई स्वागत नहीं है।"

कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि बार-बार मना करने के बाद भी उन लोगों को क्यों लगा कि जवाब बदल जाएगा। वहीं, कई यूजर्स ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई और पीड़िता को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।

सहमति और सुरक्षा पर सवाल

इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा और 'ना' को स्वीकार करने की मानसिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि सिर्फ महिला होने या विदेशी होने की वजह से उन्हें बेचैन नहीं किया जाना चाहिए और सहमति (Consent) का सम्मान किया जाना चाहिए। Mumbai Travel Vlogger Harassment Case

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

जानिए किन मुस्लिम देशों में है होली पर सख्त प्रतिबंध

अफगानिस्तान में तालिबान के शासन के बाद से धार्मिक नियम काफी सख्त हो गए हैं। हिंदू और सिख समुदाय की संख्या वहां बेहद कम रह गई है, जिसके चलते होली का उत्सव अब सार्वजनिक रूप से लगभग समाप्त हो चुका है। प्रशासन के अनुसार, त्योहार सिर्फ घर या मंदिर की चार दीवारों के भीतर ही सीमित है।

Muslim Holi festival
इन देशों में क्यों नहीं उड़ते रंग? (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar28 Feb 2026 01:07 PM
bookmark

Holi Festival: भारत में होली का त्योहार खुशियों, रंगों और आपसी प्रेम का प्रतीक है। गली-मोहल्लों से लेकर खुले मैदानों तक, रंगों की बरसात और मिठाइयों के साथ यह त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। यह दिन गिले-शिकवे भूलकर रिश्तों में मिठास घोलने का होता है। लेकिन, जब आप सीमाओं के पार उन देशों की ओर देखते हैं जहां मुसलमान बहुसंख्यक हैं, तो यह तस्वीर बिल्कुल बदल जाती है। कई इस्लामिक देशों में इतने सख्त धार्मिक और सामाजिक नियम हैं कि वहां होली का रंग दिखना भी महंगा पड़ सकता है।

सार्वजनिक आयोजन है 'नामुमकिन'

कई इस्लामिक देशों में धार्मिक कानूनों के चलते होली को सार्वजनिक रूप से मनाना नामुमकिन है। कुछ जगहों पर तो यह पूरी तरह प्रतिबंधित है। अगर कोई खुले तौर पर रंग खेलता है या जुलूस निकालता है, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं उन देशों के बारे में जहां होली खेलना आसान नहीं है।

1. अफगानिस्तान: तालिबान के शासन में दबा हुआ 'रंग'

अफगानिस्तान में तालिबान के शासन के बाद से धार्मिक नियम काफी सख्त हो गए हैं। हिंदू और सिख समुदाय की संख्या वहां बेहद कम रह गई है, जिसके चलते होली का उत्सव अब सार्वजनिक रूप से लगभग समाप्त हो चुका है। प्रशासन के अनुसार, त्योहार सिर्फ घर या मंदिर की चार दीवारों के भीतर ही सीमित है। खुले मैदानों में रंग खेलना या जुलूस निकालना प्रतिबंधित है। अगर कोई इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसे गिरफ्तारी या जेल की सजा का खतरा बना रहता है।

2. सऊदी अरब: निजी परिसरों तक सीमित

सऊदी अरब में गैर-इस्लामी त्योहारों के सार्वजनिक आयोजन पर लंबे समय से सख्ती बरती जाती है। वहां रहने वाले भारतीय प्रवासी भी होली को सिर्फ निजी परिसरों या भारतीय दूतावास के भीतर ही मना सकते हैं। सार्वजनिक जगहों पर रंग खेलते पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई की जाती है, जिसमें जेल या प्रत्यर्पण (deportation) तक की सजा हो सकती है।

3. कतर और ओमान: प्रशासन की अनुमति के बिना निषेध

अन्य खाड़ी देशों जैसे कतर और ओमान में भी धार्मिक स्वतंत्रता सीमित है। वहां बिना प्रशासन की अनुमति के सार्वजनिक रूप से होली मनाना प्रतिबंधित है। लोग सिर्फ प्रशासन की अनुमति से आयोजित निजी कार्यक्रमों में ही शामिल हो सकते हैं। अगर कोई नियमों की अवहेलना करता है, तो उस पर भारी जुर्माना, प्रशासनिक कार्रवाई या अपवित्रता के आरोप लग सकते हैं।

रंग खेलने पर मिलती है कड़ी सजा

इन देशों में होली के रंगों को लेकर सजा का प्रावधान काफी कड़ा है। सजा का स्वरूप देश के कानून और स्थानीय प्रशासन पर निर्भर करता है:

  • अफगानिस्तान: तालिबानी शासन में सार्वजनिक आयोजन पर रोक है। उल्लंघन पर गिरफ्तारी और जेल की सजा हो सकती है।
  • सऊदी अरब: रंग खेलते पकड़े जाने पर आपराधिक कार्रवाई हो सकती है, जिसमें जेल और देश से निकाले जाने का प्रावधान शामिल है।
  • कतर व ओमान: सार्वजनिक उत्सव पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का डर बना रहता है।

संक्षेप में, भारत की तरह खुले मैदानों में रंग उड़ाने का अहसास इन देशों में न केवल मुश्किल है, बल्कि जोखिम भी भरा है। वहां रहने वाले भारतीय अपनी सुरक्षा के लिए त्योहार को सिर्फ घरों तक ही सीमित रखते हैं। Holi Festival

संबंधित खबरें