मुस्लिम समुदाय की कुछ जातियों को OBC आरक्षण दिए जाने का मुद्दा सोमवार को राज्यसभा में जबरदस्त राजनीतिक टकराव का कारण बन गया। देश के कई राज्यों में इस व्यवस्था को लेकर पहले से चल रही बहस संसद तक पहुंची तो सदन का माहौल अचानक गर्म हो गया।

Muslim OBC Reservation : देश के कई राज्यों में मुस्लिम समुदाय की कुछ जातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC के तहत आरक्षण दिए जाने का मुद्दा सोमवार को राज्यसभा में जोरदार बहस का कारण बन गया। भाजपा सांसद डॉ. के. लक्ष्मण ने पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक का हवाला देते हुए इस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि इन राज्यों में मुस्लिम समुदाय के कुछ वर्गों को OBC श्रेणी में किस आधार पर शामिल किया गया है। डॉ. लक्ष्मण ने इसे सामाजिक न्याय और संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ा विषय बताते हुए सरकार से इसकी समीक्षा कराने की मांग की। उनके बयान के बाद सदन का माहौल गर्मा गया और विपक्षी दलों ने विरोध दर्ज कराते हुए वॉकआउट कर दिया।
राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान डॉ. के. लक्ष्मण ने कहा कि कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु में मुस्लिम समुदाय की कुछ जातियों को OBC आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। उनके मुताबिक, यह व्यवस्था उन वर्गों के अधिकारों पर असर डालती है जिन्हें सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन के आधार पर OBC श्रेणी में रखा गया है। उन्होंने तर्क दिया कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण की व्यवस्था नहीं की गई है, इसलिए इस तरह के प्रावधानों की गहराई से जांच होनी चाहिए।
भाजपा सांसद ने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य उन तबकों को आगे लाना है जो लंबे समय से सामाजिक और शैक्षणिक रूप से वंचित रहे हैं। ऐसे में किसी भी समुदाय को धार्मिक पहचान के आधार पर आरक्षण देना सामाजिक न्याय की मूल भावना के विपरीत माना जा सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इस मुद्दे की संवैधानिक, कानूनी और सामाजिक दृष्टि से समीक्षा की जाए ताकि OBC वर्ग के वास्तविक हकदारों के अधिकार सुरक्षित रह सकें। डॉ. के. लक्ष्मण के बयान के बाद कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। विपक्षी सांसद इस विषय पर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें बोलने की अनुमति नहीं मिली। इसी बात को लेकर सदन में हंगामा बढ़ गया। विरोध के बीच विपक्षी सदस्य सदन से वॉकआउट कर बाहर चले गए। इस घटनाक्रम ने पूरे मुद्दे को और ज्यादा राजनीतिक रंग दे दिया।
विपक्ष के वॉकआउट के बाद नेता सदन जगत प्रकाश नड्डा ने विपक्षी दलों की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन के नेताओं की न तो गंभीर चर्चा में दिलचस्पी है और न ही संसदीय परंपराओं के पालन में। नड्डा ने आरोप लगाया कि जब डॉ. के. लक्ष्मण एक महत्वपूर्ण विषय उठा रहे थे, तब विपक्ष ने लगातार व्यवधान खड़ा कर बहस को बाधित करने की कोशिश की। जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि विपक्षी दल मुस्लिम आरक्षण के मुद्दे को सामाजिक न्याय से ज्यादा वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के नजरिए से देख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के आरक्षण पर पहले भी न्यायिक स्तर पर सवाल उठ चुके हैं और आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट इसे निरस्त कर चुका है। उनके अनुसार सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष की प्राथमिकता बहस नहीं, बल्कि बहिर्गमन और राजनीतिक संदेश देना अधिक नजर आती है। Muslim OBC Reservation