Muzaffarnagar: सिसौली के फौजी बेटे कार्तिक बालियान की हत्या से मातम, गांव में नहीं जले चूल्हे
भारत
चेतना मंच
27 Jul 2022 08:09 PM
Muzaffarnagar : मुजफ्फरनगर। हरियाणा के कांवड़ियों के हमले में सिसौली के कार्तिक बालियान की मौत से पूरे इलाके के लोग गमगीन हैं। उनके गांव में तो किसी के घर चूल्हे तक नहीं जले। इस बीच, सेना के जवानों और भारतीय किसान यूनियन के राष्टीªय अध्यक्ष नरेश टिकैत की मौजूदगी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ कार्तिक का आज अंतिम संस्कार किया गया। उनके शव को तिरंगे में लपेटा गया। उनके अंतिम संस्कार में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। वहां मौजूद सभी की आंखें नम थीं। नरेश टिकैत ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
: गौरतलब है कि यूपी और हरियाणा राज्यों के कांवड़ियों के बीच कांवड़ को आगे ले जाने के विवाद में खूनी संघर्ष हुआ। दोनों ओर से जमकर लाठी डंडे चले। इसमें एक कांवड़िये की मौत हो गई और करीब आधा दर्जन जख्मी हो गए। बाद में मृतक की पहचान कार्तिक बालियान पुत्र पवन निवासी गांव सिसौली मुजफ्फरनगर के रूप में हुई। कार्तिक सेना में तैनात थे और वर्तमान में उसकी तैनाती गुजरात में थी। घटना मंगलौर बाईपास के पास हुई थी।
खूनी संघर्ष में कार्तिक की हत्या से पूरा इलाका सन्न रह गया। यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। जो जहां था, वहीं से कार्तिक के घर की ओर चल पड़ा। देखते ही देखते वहां सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। सभी गमगीन थे। भीड़ में मौजूद लोगों की आंखें नम थीं। उनके मन में दुख और गुस्सा व्याप्त था।
बुधवार को तिरंगे में लिपटे कार्तिक के पार्थिव शरीर को देखकर लोग फफक पड़े। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कार्तिक के घर पहंुचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और परिजनों को ढांढस बंधाया। अंतिम संस्कार में क्षेत्र के बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को मंगलौर बाईपास पर कांवड़ एक-दूसरे से आगे निकालने को लेकर विवाद हो गया था। बताया जा रहा है कि मुजफ्फरनगर वालों की कांवड़ हरियाणा वालों से आगे हो गई। इस पर हरियाणा के कांवड़ियों ने अपनी बाइक मुजफ्फरनगर वालों के आगे लगा दी और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान जमकर लाठी डंडे चले। इसमें सिसौली निवासी कार्तिक बालियान की मौत हो गई थी। कार्तिक सेना में तैनात थे और वर्तमान में उसकी तैनाती गुजरात में थी। वह कुछ दिन पहले ही छुट्टी लेकर आए थे। वह साथियों के साथ हरिद्वार गंगाजल लेने गए थे।