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बिहार के मुजफ्फरपुर में हुए दर्दनाक अस्पताल हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। प्रसाद अस्पताल के आईसीयू में लगी आग और उससे फैले धुएं के कारण छह मरीजों की मौत के मामले में अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।

Bihar News : बिहार के मुजफ्फरपुर में हुए दर्दनाक अस्पताल हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। प्रसाद अस्पताल के आईसीयू में लगी आग और उससे फैले धुएं के कारण छह मरीजों की मौत के मामले में अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। शुरुआती जांच में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने यह कार्रवाई की है। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है, जो अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। Bihar News
जानकारी के अनुसार, गुरुवार तड़के अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू में शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़क गई। आग से ज्यादा खतरनाक साबित हुआ घना धुआं, जिसने कुछ ही मिनटों में पूरे वार्ड को अपनी चपेट में ले लिया। आरोप है कि आपात स्थिति के दौरान अस्पताल का स्टाफ मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने के बजाय मौके से हट गया, जिससे कई मरीज धुएं में फंस गए। पांच मरीजों ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि एक अन्य मरीज की मौत इलाज के दौरान हो गई। Bihar News
हादसे के बाद सामने आए तथ्यों ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि आग लगने के दौरान लिफ्ट बंद हो गई थी, जबकि आपातकालीन सीढ़ियों पर ताला लगा हुआ था। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों के लिए बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचा। यही वजह रही कि धुएं का असर तेजी से बढ़ता गया और स्थिति भयावह बन गई। Bihar News
मुजफ्फरपुर के जिला जनसंपर्क अधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि सिविल सर्जन ने प्रसाद अस्पताल का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। साथ ही अस्पताल प्रबंधन को सात दिनों के भीतर सभी जरूरी दस्तावेज और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी कठोर कार्रवाई की जा सकती है। घटना के बाद पुलिस ने अस्पताल के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं फायर सर्विस विभाग की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मृतकों की जान आग से नहीं, बल्कि दम घुटने से गई। Bihar News
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