
Nagar Nikay Chunav 2023 / लखनऊ। यूपी में नगर निकाय चुनाव मई के प्रथम सप्ताह में होंगे। प्रदेश सरकार से लेकर चुनाव आयुक्त तक ने इस बात के साफ संकेत दिए हैं कि अप्रैल के आखिरी सप्ताह से लेकर मई के प्रथम सप्ताह में नगर निकाय यानि नगर निगम व नगर पालिका आदि के चुनाव करा दिए जाएंगे। इस आशय की विधिवत घोषणा सुप्रीम कोर्ट से अनुमति लेकर की जाएगी।
आपको बता दें कि यूपी में नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायत को मिलाकर कुल 762 नगर निकाय हैं। इन निकायों के चुनाव बीते वर्ष 2022 के दिसंबर में ही होने थे। इन चुनावों के लिए ओबीसी आरक्षण में गड़बड़ी का आरोप लगाकर ओबीसी वर्ग के कई नेता हाईकोर्ट की शरण में चले गए थे। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिना आरक्षण के ही चुनाव कराने का "अनोखा" फैसला सुना दिया था। आरक्षण के मुदृे पर सरकार व भाजपा की किरकिरी को देखते हुए यूपी की सरकार हाईकोर्ट के फैसले के विरूद्ध सुप्रीम कोर्ट में चली गयी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने एक आयोग के दौरान ओबीसी आरक्षण का पूरा अध्ययन करने के बाद ही चुनाव कराने का निर्देश दिया था। यूपी सरकार ने रिटायर्ड जज रामऔतार सिंह की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय आयोग बनाकर ओबीसी का सर्वे कराने की व्यवस्था बनाई थी। इस आयोग ने 9 मार्च 2023 को अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंप दी थी। 10 मार्च को ही इस रिपोर्ट को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी मिलते ही यूपी में नगर निकाय के चुनाव का रास्ता साफ हो गया है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनाव कराने का काम तेज कर दिया है। इस कड़ी में चुनाव आयोग ने 10 मार्च से मई मतदाता सूची बनाने का अभियान छेड़ दिया है। 25 मार्च तक इस सूची का पुननिरीक्षण यानि नए नाम जोडऩे या गलत नाम हटाने का काम चलेगा। 1 जनवरी 2023 को 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले युवा इस सूची में अपने नाम जुड़वा सकते हैं। 1 अप्रैल को नई सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद चुनाव कराए जाएंगे।
सरकार के अंतरंग सूत्रों का दावा है कि अप्रैल के अंतिम सप्ताह से लेकर मई के प्रथम सप्ताह तक सभी नगर निकायों के चुनाव करा दिए जाएंगे। चुनाव की घोषणा से पूर्व सरकार सुप्रीम कोर्ट से चुनाव कराने की अनुमति भी लेगी। अनुमति लेने के लिए ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण निर्धारित किया जाएगा।