महाराष्ट्र के नासिक में सामने आए चर्चित बाबा कांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले की परतें और भी ज्यादा चौंकाने वाले ढंग से खुलती जा रही हैं। यौन शोषण के आरोपों में गिरफ्तार स्वयंभू बाबा अशोक खरात को लेकर अब एक नया और गंभीर खुलासा सामने आया है।

Maharashtra News : महाराष्ट्र के नासिक में सामने आए चर्चित बाबा कांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले की परतें और भी ज्यादा चौंकाने वाले ढंग से खुलती जा रही हैं। यौन शोषण के आरोपों में गिरफ्तार स्वयंभू बाबा अशोक खरात को लेकर अब एक नया और गंभीर खुलासा सामने आया है। जांच एजेंसियों को मिले संकेतों के मुताबिक, वह कथित तौर पर महिलाओं का शोषण करने से पहले उन्हें एक संदिग्ध तरल पदार्थ पिलाता था। इस कथित तरल की प्रकृति क्या थी, उसका शरीर पर क्या असर पड़ता था और क्या इसे किसी सुनियोजित तरीके से इस्तेमाल किया जाता था, इन सभी पहलुओं की अब गहराई से जांच की जा रही है। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए नासिक की अदालत ने आरोपी अशोक खरात की पुलिस हिरासत 1 अप्रैल तक बढ़ा दी है।
अदालत में सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक शैलेंद्र बागडे ने कहा कि मामले की जांच अभी अधूरी है और आरोपी पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि अशोक खरात की संपत्तियों और उससे जुड़े नेटवर्क की जांच अभी बाकी है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अब भी कई महिलाएं शिकायत दर्ज कराने के लिए सामने आ रही हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर पीड़ितों को शोषण से पहले एक तरल पदार्थ देता था। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह पदार्थ स्वाद में खारा और कड़वा होता था, जिसे पीने के बाद महिलाओं को चक्कर आने लगते थे। फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उस तरल में आखिर क्या मिलाया जाता था।
मामले की जांच केवल पीड़िताओं के बयानों तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल एंगल से भी इसकी तह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन का डेटा खंगाला जा चुका है और उसकी क्लोन रिपोर्ट भी प्राप्त कर ली गई है। अब जांच इस पहलू पर भी केंद्रित है कि क्या अशोक खरात ने अपने संपर्कों, खासकर प्रभावशाली और राजनीतिक लोगों के नाम, मोबाइल में किसी फर्जी या बदले हुए नाम से सेव कर रखे थे। जांच एजेंसियां कई इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं।
अशोक खरात को 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। उस समय एक महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने तीन साल से अधिक समय तक उसका लगातार यौन शोषण किया। अशोक खरात नासिक जिले के मिरगांव में एक मंदिर ट्रस्ट का प्रमुख बताया जाता है। वह लंबे समय से स्थानीय प्रभाव रखने वाला व्यक्ति माना जाता रहा है और महाराष्ट्र के कई बड़े नेताओं से उसके संपर्कों की भी चर्चा रही है। इसी वजह से यह मामला अब केवल आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक हलकों में भी व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।
नासिक शहर के सरकारवाड़ा पुलिस थाने में अशोक खरात के खिलाफ अब तक कुल 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें से आठ मामले कथित यौन उत्पीड़न और शोषण से संबंधित बताए जा रहे हैं, जबकि दो मामले धोखाधड़ी के हैं। पुलिस का मानना है कि शिकायतों की संख्या बढ़ने के साथ इस मामले का दायरा और बड़ा हो सकता है। हर नई शिकायत जांच को एक नई दिशा दे रही है। इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम यानी SIT को बीते कुछ दिनों में फोन पर 100 से अधिक शिकायतें मिली हैं। इनमें अधिकतर शिकायतें महिलाओं की बताई जा रही हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जैसे-जैसे मामला सामने आ रहा है, वैसे-वैसे और महिलाएं भी आगे आकर अपनी आपबीती साझा कर रही हैं। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि मामला शुरुआती अनुमान से कहीं ज्यादा व्यापक हो सकता है। रविवार को पिछली पुलिस हिरासत अवधि खत्म होने के बाद आरोपी को फिर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसकी रिमांड आगे बढ़ा दी गई। Maharashtra News