National Consumer Day : जानिये कौन-कौन से उपभोक्ता अधिकार देता है देश का कानून और इस दिन की शुरुआत कैसे हुई?
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 01:50 PM
24 दिसंबर को प्रत्येक वर्ष National Consumer Day मनाया जाता है। उपभोक्ता हर वह व्यक्ति है जो अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी शॉपिंग मॉल या दुकान से सामान खरीदता है और इसकी कीमत अदा करता है। लेकिन बाजार में फैली हुई तमाम बुराइयों जैसे कालाबाजारी, जमाखोरी, ज्यादा दाम वसूलना और मिलावट करना आदि के कारण उपभोक्ताओं को काफ़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत का कानून आपको कितने उपभोक्तआ अधिकार प्रदान करता है? आइये जानते हैं कैसे हुई इस दिन (National Consumer Day) की शुरुआत और क्या हैं आपके उपभोक्ता अधिकार?
National Consumer Day को मनाये जाने का इतिहास काफ़ी पुराना है। वर्ष 1986 में 24 दिसंबर के ही दिन उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम को पारित किया गया था और इसके बाद वर्ष 1991, 1993 और 2002 में इस अधिनियम में काफ़ी बड़े बदलाव भी लाये गए। वर्ष 2003 में इसे ज्यादा उपयोगी बनाते हुए लागू कर दिया गया ताकि उपभोक्ता अपने अधिकारों को जान सकें और किसी कालाबजारी या मिलावट की समस्या से निपटने में उनका अनुप्रयोग भी कर सकें।
क्या हैं एक उपभोक्ता के रूप में आपके अधिकार?
किसी भी धोखाधड़ी से निपटने के लिए आपको कई सारे कंस्यूमर राइट यानी कि उपभोक्ता अधिकार दिए गए हैं। आज National Consumer Day पर चलिए जानते हैं इन अधिकारों को।
सुरक्षा का अधिकार यानि की कोई भी दूकानदार आपको खराब गुणवत्ता का सामान नहीं दे सकता है। ऐसी स्थिति में आप सामान को बदल सकते हैं।
जानकारी का अधिकार, आप किसी भी सामान के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करने के अधिकारी हैं।
चुनने का अधिकार, आप अपनी पसंद का कोई भी प्रोडक्ट जो बाजार में उपलब्ध है उसे चुन सकते हैं।
बेईमानी या ठगी की स्थिति में उपभोक्ता कंस्यूमर कोर्ट जाकर अपना पक्ष रख सकते हैं जिसे सुना जाना अनिवार्य होता है।
सामान के खराब निकलने पर मूल्य वापसी या सामान के बदलने का अधिकार भी आपको दिया गया है।
उपभोक्ता अधिकारों को ठीक तरह से समझने और उनका प्रयोग करने की सही जानकारी प्राप्त करना भी उपभोक्ता अधिकारों में से एक है।