National News : दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती मनाने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए
A large number of people gathered to celebrate the 200th birth anniversary of Dayanand Saraswati
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 11:04 AM
नई दिल्ली। समाज सुधारक दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में सालभर चलने वाले समारोह की शुरुआत के अवसर पर एक कार्यक्रम में भगवा साफा पहने बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में समारोहों का उद्घाटन किया। उन्होंने कार्यक्रम में जयंती समारोहों के लिए एक ‘लोगो’ का भी अनावरण किया। समारोहों को ‘ज्ञान ज्योति पर्व’ के रूप में मनाया जा रहा है।
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भगवा साफा पहने और वैदिक मंत्र लिखे स्कार्फ धारण किये हुए लोगों से स्टेडियम भरा हुआ था। पूरा आयोजन स्थल वैदिक मंत्रोच्चार से गूंज उठा। स्टेडियम परिसर में समाज सुधारक दयानंद सरस्वती की विरासत और उनके द्वारा स्थापित संस्थानों पर एक प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में कहा कि 1824 में जन्मे महर्षि दयानंद सरस्वती ने अपने समय की सामाजिक असमानताओं को दूर करने के लिए आर्य समाज की स्थापना की थी। बयान के अनुसार, आर्य समाज ने सामाजिक सुधारों और शिक्षा पर जोर देकर देश की सांस्कृतिक एवं सामाजिक जागृति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जनवरी में एक बैठक में मोदी ने देशभर के अकादमिक और सांस्कृतिक संस्थानों से महान दूरदृष्टा और समाज सुधारक दयानंद सरस्वती के साथ-साथ आर्य समाज के योगदानों पर अच्छी तरह अध्ययन करने का आह्वान किया था। 2025 में आर्य समाज को अस्तित्व में आए 150 साल पूरे हो जाएंगे। सरस्वती ने 1875 में आर्य समाज की स्थापना की थी।
मोदी पूर्वाह्न करीब 11 बजे आयोजन स्थल पर पहुंचे। मंच पर भारत माता की जय के नारों से उनका स्वागत किया गया। केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी और संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी और अर्जुन राम मेघवाल ने प्रधानमंत्री के साथ मंच साझा किया। पीएमओ ने शनिवार को जारी बयान में कहा था कि सरकार समाज सुधारकों और महत्वपूर्ण हस्तियों, विशेष रूप से उन लोगों को सम्मानित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनके योगदानों को अभी तक अखिल भारतीय स्तर पर उपयुक्त महत्व नहीं दिया गया है। इसमें कहा गया है कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस घोषित करने से लेकर श्री अरबिंदो की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने तक, प्रधानमंत्री मोदी इस तरह की पहल का नेतृत्व कर रहे हैं।