National News : न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति उम्र बढ़ाने से बेहतर काम नहीं करने वालों की सेवाएं बढ़ सकती हैं : सरकार
Increasing the retirement age of judges can increase the services of those who do not do well: Government
भारत
चेतना मंच
27 Nov 2025 02:51 AM
नई दिल्ली। न्याय विभाग ने एक संसदीय समिति को बताया कि उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने से बेहतर काम नहीं करने वाले न्यायाधीशों की सेवा के वर्षों का विस्तार हो सकता है और सरकारी कर्मचारियों द्वारा भी इसी तरह की मांग उठाने पर इसका व्यापक प्रभाव हो सकता है।
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विभाग ने यह भी कहा कि उच्च न्यायपालिका में नियुक्तियों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उपायों के साथ-साथ न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा।
कानून मंत्री किरेन रीजीजू ने संसद को सूचित किया था कि उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। न्याय विभाग ने कार्मिक, कानून और न्याय पर संसदीय समिति के समक्ष एक प्रस्तुति दी। समिति की अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद एवं बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी कर रहे हैं।
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विधि और न्याय मंत्रालय के विभाग ने प्रस्तुति दी, जिसमें उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने की संभावना सहित न्यायिक प्रक्रियाओं और सुधारों का विवरण शामिल था। विभाग ने अपनी प्रस्तुति में कहा, ‘सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने से कुछ अनुपयुक्त मामलों में सेवा की अवधि बढ़ाने के संदर्भ में लाभ बढ़ सकता है और बेहतर प्रदर्शन नहीं करने वाले और खराब प्रदर्शन करने वाले न्यायाधीशों की सेवाओं को जारी रखना पड़ सकता है।’ इसने यह भी सुझाव दिया कि लंबित मामलों को कम करने और न्यायपालिका में पारदर्शिता लाने के साथ-साथ न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने पर विचार किया जाना चाहिए।
विभाग ने कहा कि सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने से न्यायाधिकरण पीठासीन अधिकारी या न्यायिक सदस्यों के तौर पर सेवानिवृत्त न्यायाधीशों से वंचित रह जायेंगे। इसने यह भी आगाह किया कि सेवानिवृत्ति की आयु का व्यापक प्रभाव हो सकता है। उसने कहा कि न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु में वृद्धि का व्यापक प्रभाव होगा, क्योंकि केंद्र और राज्य स्तर पर सरकारी कर्मचारी, पीएसयू, आयोग आदि इसी तरह की मांग उठा सकते हैं। इसलिए, इस मुद्दे की समग्रता से जांच किए जाने की जरूरत है। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते हैं और देश के 25 उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते हैं।