National News : वनों को अवैध गतिविधियों से बचाएं अफसर : राष्ट्रपति
Officers should save forests from illegal activities: President
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 01:29 PM
नई दिल्ली। सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास के लिए वनों को आवश्यक बताते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के अधिकारियों से वनों को अवैध गतिविधियों से बचाने में प्रभावी भूमिका निभाने को कहा।
आईएफएस के परिवीक्षाधीन अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा कि भारत वनों में रहने वाले समुदायों के अधिकारों पर विशेष ध्यान दे रहा है। इन अधिकारियों ने यहां राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मुलाकात की। मुर्मू ने कहा कि जनजातीय समुदायों सहित वनवासियों के वनों के साथ सहजीवी संबंध को अब व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त है और यह हमारे विकास विकल्पों में शामिल है। यह भारतीय वन सेवा के अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे इन समुदायों को जैव-विविधता के संरक्षण के प्रति उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जागरूक करें।
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मुर्मू ने कहा कि प्रभावी भागीदारी प्रबंधन और बड़े तथा छोटे उत्पादों के लिए अधिक कुशल बाजार प्रणालियों तक बेहतर पहुंच को लेकर व्यापक सुधार जारी है। भारत और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर जंगल में आग लगने की घटनाओं का उल्लेख करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा, ‘हमारे समक्ष न केवल वनों के संरक्षण, बल्कि जलवायु परिवर्तन से निपटने की बड़ी चुनौती भी है।’
राष्ट्रपति ने कहा कि आज हमारे पास शहरी वानिकी, वनों को खतरे कम करना, डेटा संचालित वन प्रबंधन और जलवायु-स्मार्ट वन अर्थव्यवस्थाओं की नयी प्रौद्योगिकियां और अवधारणाएं हैं। आपको भारत के वन संसाधनों के स्थायी प्रबंधन के लिए नए आविष्कार करने चाहिए और नए तरीके ढूंढने चाहिए। उन्होंने कहा कि आपको हमारे वनों को उन अवैध गतिविधियों से बचाने में प्रभावी भूमिका निभानी चाहिए, जिनका नकारात्मक आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभाव पड़ता है। राष्ट्रपति ने कहा कि प्रकृति ने हमें भरपूर उपहार दिए हैं और यह हममें से प्रत्येक का कर्तव्य है कि हम पर्यावरण के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार बनें।
राष्ट्रपति ने कहा कि पृथ्वी पर सभी जीवों के लिए वन महत्वपूर्ण हैं। उनकी भूमिका वन्यजीवों को आवास प्रदान करने और आजीविका स्रोत होने से लेकर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा बड़े स्तर पर कार्बन को सोखने जैसे कार्यों तक भिन्न-भिन्न हो सकती है। यह दुनिया की कई लुप्तप्राय प्रजातियों को आश्रय उपलब्ध कराता है।
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मुर्मू ने कहा कि भारत में पाए जाने वाले वनों की विविध श्रेणी शायद ही किसी अन्य देश में पाई जाती है। राष्ट्रपति ने कहा कि लघु वनोपज हमारे देश में 27 करोड़ से अधिक लोगों की आजीविका के लिए मददगार है। वनों का औषधियों के भी भारी महत्व है। भारत में केवल 15 प्रतिशत औषधीय पौधों की खेती की जाती है, जबकि 85 प्रतिशत वनों और अन्य प्राकृतिक आवासों से एकत्र किए जाते हैं।
मुर्मू ने कहा कि वन अधिकारी ‘हमारी समृद्ध और विविध वन संपदा’ के संरक्षक हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि यह जानकर वह खुश हैं कि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं वन सेवा में शामिल हो रही हैं। उन्होंने कहा कि आप हमारे वनवासी समुदायों की विरासत और संस्कृति के रक्षक भी हैं। भागीदारी सतत प्रबंधन के माध्यम से देश की पारिस्थितिकी स्थिरता को बनाए रखने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है।