
National News : हाल ही में जम्मू और कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर केंद्र सरकार ने एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में हिस्सा लेने के बाद, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कुछ महत्वपूर्ण बयान दिए। उन्होंने आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और सिंधु जल संधि को निलंबित करने के केंद्र सरकार के निर्णय की सराहना की।
यहां हम उनके द्वारा दिए गए बयानों पर विस्तार से चर्चा करेंगे और उनके संदेश को समझेंगे।
असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले की सराहना की। उनका कहना था कि यह एक अच्छा कदम है, लेकिन उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि "पानी कहां रखेंगे?" उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक मुद्दा नहीं है और जो भी निर्णय केंद्र सरकार लेगी, वह उसका समर्थन करेंगे।
सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हुई थी, जो दोनों देशों को सिंधु नदी के पानी के उपयोग को लेकर एक समझौता प्रदान करती है। इस समझौते का निलंबन दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है, लेकिन ओवैसी का यह कहना था कि सरकार के फैसले का समर्थन करना चाहिए। National News
ओवैसी ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार उन देशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकती है जो आतंकवादी समूहों को पनाह देते हैं। ओवैसी ने पाकिस्तान का नाम लेते हुए कहा, 'भारत को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत पाकिस्तान के खिलाफ हवाई और नौसैनिक नाकाबंदी करने का हक है।
उनका यह बयान यह संकेत देता है कि भारतीय सरकार को पाकिस्तान के खिलाफ अधिक ठोस और सख्त कदम उठाने चाहिए ताकि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों को सख्त संदेश दिया जा सके।
असदुद्दीन ओवैसी ने कश्मीरियों और कश्मीरी छात्रों के खिलाफ झूठे प्रचार का विरोध किया। उनका कहना था कि आतंकवादियों ने कश्मीर में धर्म पूछकर लोगों की हत्या की, और इस तरह के कृत्य की कड़ी निंदा की। उन्होंने यह भी सवाल किया कि कश्मीर में सुरक्षा बलों के अधिकारियों को सक्रिय रूप से क्यों नहीं तैनात किया गया, और सेना को घटनास्थल पर पहुंचने में एक घंटा क्यों लगा।
ओवैसी का यह बयान कश्मीरी समुदाय के खिलाफ फैलाए गए नफरत और झूठे प्रचार को खत्म करने की अपील करता है। उनका मानना है कि कश्मीरियों को इस तरह की नफरत और भेदभाव का सामना नहीं करना चाहिए। National News
सर्वदलीय बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, किरेन रिजिजू, विदेश मंत्री एस जयशंकर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई प्रमुख नेताओं ने भाग लिया। बैठक में पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की जान गई थी।
असदुद्दीन ओवैसी ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे एक कायरतापूर्ण और निंदनीय कृत्य बताया। उन्होंने इस हमले को भारतीय नागरिकों पर एक घातक हमला माना और इस प्रकार के आतंकवादी हमलों के खिलाफ मजबूत कदम उठाने की आवश्यकता जताई। National News :