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National News : देश के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में समय से पहले दस्तक देकर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने तबाही की आहट दे दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया है कि रविवार, 25 मई को मॉनसून ने महाराष्ट्र में प्रवेश किया, जो कि पिछले 35 वर्षों में सबसे जल्दी हुआ आगमन है। बारिश ने मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और रत्नागिरी जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं, जहां रेड अलर्ट जारी किया गया है। मुंबई मेट्रो लाइन-3 पर अत्रे चौक से वर्ली के बीच मेट्रो संचालन रोक दिया गया है, जबकि नवी मुंबई नगर निगम अलर्ट मोड पर है।
सोमवार सुबह से ही तेज बारिश, आंधी और बिजली ने मुंबई की लाइफलाइन यानी लोकल ट्रेनों और सड़कों की रफ्तार को थाम दिया। कम विज़िबिलिटी के कारण ट्रैफिक जाम और देरी की स्थितियां बनी रहीं। उपनगरीय रेलवे सेवाओं पर इसका सीधा असर पड़ा।
उधर केरल में भारी बारिश ने तबाही की तस्वीरें पेश की हैं। जलभराव, पेड़ों के गिरने और बिजली के खंभे उखड़ने की घटनाएं सामने आई हैं। कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आईएमडी ने चेतावनी दी है कि बारिश का यह सिलसिला अभी थमेगा नहीं।
आईएमडी बेंगलुरु के अनुसार, दक्षिण कन्नड़, उडुपी, उत्तर कन्नड़, बेलगावी, धारवाड़, हावेरी, गडग, शिवमोग्गा, चिकमगलूर, हसन, कोडागु, मैसूर और चामराजनगर जिलों में भी मॉनसून प्रवेश कर चुका है। 29 मई तक भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में प्रशासन ने सोमवार को सभी आंगनवाड़ियों में अवकाश घोषित किया है। स्कूल अभी गर्मी की छुट्टियों के बाद खुलने ही वाले थे। National News
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