
National : नई दिल्ली। आम नागरिकों से कानून का पालन कराने वाली पुलिस अब खुद के विभाग में तैनात भ्रष्ट पुलिस वालों की भी पोल खोलेगी। इस ''पोल खोल'' अभियान में सिपाही से लेकर आईपीएस तक जो भी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाएगा उसकी फोटो व कारनामे थानों के नोटिस बोर्ड पर चस्पा किए जाएंगे। इतना ही नहीं पुलिस विभाग के अधिकृत (Official Website) सोशल मीडिया एकाउंट से भी भ्रष्ट पुलिस वालों का प्रचार किया जाएगा।
आपको बता दें कि इस प्रकार की व्यवस्था के निर्देश केन्द्र सरकार ने दो साल पहले 16 नवंबर 2020 को जारी किए थे । उन निर्देशों पर आज तक कोई ठोस पहल नहीं हो पाई है। एक बार पुन: केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने सभी प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों को पुराने आदेशों की याद दिलाते हुए इस अभियान को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। दिए गए निर्देशों में कहा गया है कि जो भी पुलिसकर्मी अथवा पुलिस अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाए उसकी पूरी सूचना उसकी तस्वीर के साथ थानों के नोटिस बोर्ड व सोशल मीडिया पर प्रचारित अवश्य की जाए।
इस योजना के पीछे मकसद यह है कि भ्रष्टाचार में लिप्त होने वाले पुलिसकर्मियों को कानून की सजा तो मिले ही मिले। साथ ही सामाजिक रूप से भी उसे बेइज्जत किया जाए। सरकार का मत है कि समाज में बदनामी के डर से कोई भी कर्मी भ्रष्टाचार करने से पहले कम से कम 100 बार सोचेगा कि वह ऐसा करे या न करे।