National Press Day- जानें इस दिन का इतिहास एवं महत्व
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 04:06 PM
National Press Day- अगर बात लोकतंत्र की हो तो प्रेस को लोकतंत्र का एक अहम हिस्सा माना जाता है। प्रेस को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जाना जाता है। इसके महत्व को समझाने के लिए हर साल 16 नवंबर को राष्ट्रीय प्रेस दिवस के रूप में मनाया जाता है। राष्ट्रीय प्रेस दिवस को हर वर्ष 16 नवंबर को इसलिए मनाया जाता है ताकि लोगों को प्रेस की स्वतंत्रता के बारे में बताया जा सके और उन्हें प्रेस के प्रति जागरूक किया जा सके। प्रेस की आजादी एक लोकतांत्रिक देश में बहुत मायने रखती है। आज का दिन इसलिए भी काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि आज के दिन लोगों को ये बताया जाता है कि कैसे प्रेस हमारे अधिकारों को हनन होने से बचाती है और लोकतंत्र के मूल्यों की सुरक्षा करती है। लोकतंत्र के मूल्यों की बहाली में प्रेस की भूमिका सबसे अहम होती है। प्रेस के महत्व को समझते हुए चलिए जानते हैं कि राष्ट्रीय प्रेस दिवस को मनाने की शुरुआत कब से हुई है।
● राष्ट्रीय प्रेस दिवस का इतिहास (History of National Press Day)-
भारत में पत्रकारिता में उच्च आदर्श स्थापित करने एवं प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करने के लिए एक प्रेस परिषद को तैयार किया गया था। जिसके बाद 1966 में 4 जुलाई को एक प्रेस परिषद की स्थापना की गई थी। इस स्थापित प्रेस परिषद ने 16 नवंबर से कार्यभार संभाला था। जिसके बाद से हर साल 16 नवंबर को प्रेस दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। इस दिन लोगों को प्रेस की स्वतंत्रता के प्रति जागरूक किया जाता है एवं लोगों को प्रेस के महत्व के बारे में बताया जाता है।
● राष्ट्रीय प्रेस दिवस का महत्व (Importance of National Press Day)-
आज के दिन प्रेस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य यही है कि लोगों में प्रेस के प्रति और प्रेस की स्वतंत्रता के प्रति जागरूकता फैलाई जा सके। आज का दिन मुख्यतः अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं इसको बनाए रखने तथा सम्मान करने की प्रतिबद्धता की बात करता है। राष्ट्रीय प्रेस दिवस को इसलिए मनाया जाता है ताकि लोगों को आगाह किया जा सके कि प्रेस लोकतंत्र के मूल्यों की बहाली में बहुत ही अहम भूमिका निभाती है एवं हमारे अधिकारों का हनन होने से बचाती है।