
National : आर.पी. रघुवंशी
National : भरतपुर (राजस्थान)। जाट महासभा ने कहा है कि जाट समाज को अपने इतिहास पर गर्व है। जो लोग अंग्रेजों की किताब की आड़ में जाट इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं उन्हें मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा।
यह बात भरतपुर में आयोजित जाट महासभा की एक बैठक में कही गई। बैठक में बोलते हुए जाट महासभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेमसिंह कुंतल ने कहा कि भरतपुर राजवंश शुद्ध यदुवंशी जाट हैं उन्होंने इतिहास के हवाले से बताया कि सन् 1925 ई. में पुष्कर जाट महासभा के अधिवेशन में महाराजा श्री किशनसिंह ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा था कि मुझे इस बात का भारी अभिमान है कि मेरा जन्म जाट जाति में हुआ है। इस अवसर पर सर छोटूराम एवं पं. मदन मोहन मालवीय ने भी कहा था कि जाट भारतीय राष्ट्र की रीढ़ है। श्री कुंतल ने कहा कि आजकल कुछ लोग हमारे महापुरुषों व भरतपुर राजवंश पर अनर्गल, मिथ्या व मनगढन्त टिप्पणी करने का दुस्साहस कर रहे हैं, जिसका जाट महासभा मुंहतोड़ जवाब देगी। बैठक में जिला महामंत्री गोविंद भगौर, नौनिहाल सिंह डागुर, प्रो. एसडी सिंह, डॉ. सुरेंद्र सिंह, सुनील प्रधान, ईश्वर सिंह बछामदी समेत कई और लोग मौजूद थे।
आपको बता दें कि भरतपुर के संस्थापक व प्रसिद्ध जाट सम्राट महाराजा सूरजमल की 14वीं पीढ़ी के युवराज अनिरूद्ध सिंह के एक ट्वीट से जाट समाज बेहद खफा है। दरअसल भरतपुर के संस्थापक महाराजा सूरजमल के बलिदान दिवस परअनिरुद्ध ने ब्रिटिश शासन की 1935 में प्रकाशित किताब द इंडियन स्टेट्स का उल्लेख करते हुए एक ट्वीट किया था। इस किताब में उल्लेख है कि भरतपुर रियासत के सिनसिनवार जाटों का निकास जादौंन राजपूतों से है। ट्वीट में श्रीकृष्ण का वंशज और खुद को जाट बताते हुए अनिरुद्ध ने लिखा कि 'लेकिन, मूल तो वही है जो लिखा है, इसके कई स्रोत हैंÓ और खुद का मूल कभी मत भूलो। इसके तुरंत बाद एक बैठक रखी गई। जिसमें जिला जाट महासभा ने इस बात का खंडन करते हुए सिनसिनवार जाटों को श्रीकृष्ण का वंशज बताते हुए यदुवंशी जाट क्षत्रिय बताया।
इस मुद्दे पर सफाई देते हुए अनिरुद्ध ने कहा कि मुझे महाराजा सूरजमल की 14वीं पीढ़ी का जाट होने पर गर्व है, लेकिन ये सच है कि हम श्रीकृष्ण के वंशज हैं और करौली के जादौन राजपूत राजपरिवार से हमारे परिवार का निकास है। वहीं जाट महासभा ने बिना अनिरुद्ध का नाम लिए कहा है कि श्रीकृष्ण के वंशज यदुवंशी जाट क्षत्रिय हैं न कि जादौंन राजपूत से जाटों का निकास है। भरतपुर जिला जाट महासभा के तत्वावधान में शुक्रवार को जाट महासभा कार्यालय पर जिला अध्यक्ष डॉ. प्रेमसिंह कुंतल की अध्यक्षता में व राजस्थान जाट महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष साहब सिंह एडवोकेट व इतिहासकार रामवीर सिंह वर्मा के संयुक्त मुख्य आतिथ्य में जाट सरदारी व कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक में साफ कहा गया कि कुछ लोगों द्वारा भरतपुर के जाट राजवंश को राजपूतों में से निकला हुआ बताकर ऐतिहासिक भूल की गर्ई है। बैठक में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाकर मुंहतोड़ जवाब देने का फैसला किया गया।
यह मुद्दा धीरे-धीरे देश भर में फैल रहा है। पूरे देश का जाट समाज अनिरूद्ध सिंह के ट्वीट की घोर निंदा कर रहा है। समाज के लोगों का कहना है कि जिन्होंने इतिहास नहीं पढ़ा है उन्हें जाट समाज के इतिहास को तोडऩे-मरोडऩे की हिमाकत नहीं करनी चाहिए।