उत्तरकाशी में कुदरत का कहर, धराली में अब भी 70 लोग लापता
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 10:56 AM
उत्तरकाशी जिले के धराली और हर्षिल में बादल फटने की भयावह त्रासदी के बाद राहत-बचाव कार्य का आज दूसरा दिन है। दोनों इलाकों में अब भी सड़क मार्ग से पहुंचना असंभव बना हुआ है। अब तक की जानकारी के अनुसार हादसे में 5 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 11 जवानों समेत 70 लोग अब भी लापता हैं। बताया जा रहा है कि अब तक लगभग 190 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। Uttarkashi
225 से ज्यादा सैनिक राहत कार्य में तैनात
भारतीय सेना की 7 टीमें मौके पर मौजूद हैं और 225 से ज्यादा जवान राहत कार्य में जुटे हुए हैं। धराली और हर्षिल के रास्ते पूरी तरह से बंद हैं। भटवाड़ी में राष्ट्रीय राजमार्ग बह गया है जिसे अभी तक खोला नहीं जा सका है। BRO और GREF की टीमें दो स्थानों पर पहाड़ काटकर रास्ता बनाने की कोशिश में लगी हैं, लेकिन सीमित संसाधनों की वजह से काम की रफ्तार बेहद धीमी है।
गंगवानी का टूटा पुल
गंगवानी में बहा पुल अब भी टूटा हुआ है और जब तक रास्ता नहीं खुलता इसका रिस्टोरेशन भी शुरू नहीं हो सकता। धराली और हर्षिल में राहत सामग्री पहुंचाने और फंसे लोगों को निकालने का एकमात्र जरिया अब हेलिकॉप्टर हैं। छोटे हेलिकॉप्टरों से राहतकर्मी भेजे जा रहे हैं जबकि बड़े हेलिकॉप्टर चिनूक, Mi-17 और ALH स्टैंडबाय पर हैं। राहत की बात यह है कि हर्षिल में मिलिट्री हेलीपैड पूरी तरह चालू कर दिया गया है। वहीं 3 सिविल हेलिकॉप्टरों से लगातार राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
तीन जगहों पर चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
धराली, हर्षिल और सुखी टॉप इन तीनों स्थानों पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। लगातार बारिश और लैंडस्लाइड के चलते राहत कार्य में काफी बाधाएं आ रही हैं। बताया जा रहा है कि धराली हादसे के बाद से केरल के 28 टूरिस्ट का एक समूह भी लापता है। उनकी तलाश जारी है। स्थानीय पुजारियों और ग्रामीणों के मुताबिक, सैलाब इतना तेज था कि सिर्फ चंद सेकंड में पूरा इलाका पानी और मलबे में समा गया। कई मकान और दुकानें ढह गईं या पूरी तरह नष्ट हो गईं।
इलाके में अब भी बिजली और संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप है जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन को समन्वयित करने में मुश्किलें आ रही हैं। हालात बेहद गंभीर हैं लेकिन रेस्क्यू टीमें पूरी ताकत से जुटी हुई हैं। जान बचाने की ये जंग फिलहाल हेलिकॉप्टरों और हौसलों के सहारे जारी है। सरकार और एजेंसियों से अपील है कि संसाधन और हेलिकॉप्टर की संख्या जल्द बढ़ाई जाए ताकि फंसे लोगों को शीघ्र सुरक्षित निकाला जा सके।