बदल गई NCERT किताबें, अब 'बाबरी और अयोध्या राम जन्मभूमि' के बारे में नया कंटेंट पढ़ेंगे बच्चे
NCERT Books Update
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 02:41 AM
NCERT Books Update : परीक्षाओं के रिजल्ट आने के बाद अब सभी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरूआत हो गई है। जिसके लिए नई किताबें भी आनी शुरू हो रही है। लेकिन इस साल NCERT Book Session 2024-25 के आने में कुछ समय लग रहा है। जानकारी के अनुसार इस साल नए शैक्षणिक सत्र में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं, जिसके चलते गर किसी क्लास में कुछ विषयों में बदलाव किया गया है। जिनमें से एक है एनसीईआरटी क्लास 12 पॉलिटिकल साइंस की किताब। बताया जा रहा है कि कक्षा 12वीं राजनीतिक विज्ञान के एक चैप्टर में बाबरी मस्जिद के कुछ रेफरेंस हटाए गए हैं और राम जन्मभूमि के पुराने टेक्स्ट को बदला गया है।
राम जन्मभूमि फैसले के बाद बदलाव जरूरी - NCERT
इस बारे में NCERT ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट ncert.nic.in पर अपडेट भी जारी किया। जिसके अनुसार NCERT का कहना है कि साल 2019 में अयोध्या राम जन्मभूमि पर आए सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद जरूरी बदलाव किए गए हैं। जिस चैप्टर में बदलाव किए गए हैं वो CBSE 12th Class Political Science Book का 8वां अध्याय है। किताब का नाम है- आजादी के बाद भारत की राजनीति। इसमें अयोध्या के मामले को भारतीय राजनीति के 5 बड़े डेलवपमेंट में से एक बताया गया है। वहीं पुराने पाठ्यक्रम में इस किताब में अयोध्या विवाद को इस तरह दर्शाया गया था- 1986 में तालों को खोलना, "दोनों तरफ लामबंदी," बाबरी मस्जिद का विध्वंस। इसमें विध्वंस के बाद के प्रभावों, भाजपा शासित राज्यों में राष्ट्रपति शासन, सांप्रदायिक हिंसा और "धर्मनिरपेक्षता पर गंभीर बहस" के बारे में भी बात की गई थी।
नवीनतम घटनाक्रमों को किया गया अपडेट
इस बार में जानकारी देते हुए NCERT ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि, "राजनीति में नवीनतम घटनाक्रमों के अनुसार पाठ्य सामग्री को अपडेट किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के फैसले और उसके व्यापक स्वागत के कारण अयोध्या मुद्दे पर पाठ को पूरी तरह से संशोधित किया गया है।" इसी तर्क के तहत, अध्याय में किए गए कुछ बदलाव सामने लाए गए हैं।
क्या किए गए बदलाव ?
जानकारी के अनुसार NCERT की नई किताबों में "... दिसंबर 1992 में अयोध्या में विवादित ढांचे के विध्वंस में कई घटनाओं का समापन हुआ। इस घटना से देश की राजनीति में कई बदलाव हुए। भारतीय राष्ट्रवाद और धर्मनिरपेक्षता की प्रकृति के बारे में बहस तेज हो गई। ये विकास भाजपा के उदय और 'हिंदुत्व' की राजनीति से जुड़े हैं।" "... अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर को लेकर सदियों पुराना कानूनी और राजनीतिक विवाद भारत की राजनीति को प्रभावित करने लगा, जिसने विभिन्न राजनीतिक परिवर्तनों को जन्म दिया। राम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन एक केंद्रीय मुद्दा बनकर, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र पर प्रवचन की दिशा बदल गया। इन परिवर्तनों का समापन सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के फैसले (जो 9 नवंबर, 2019 को घोषित किया गया था) के बाद अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के साथ हुआ।" साथ ही अभ्यास खंड में, "बाबरी मस्जिद का विध्वंस" को "राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला" से बदला गया है।