स्वतंत्रता सेनानियों की याद में बने 'राष्ट्र मंदिर' का हुआ भव्य उद्घाटन
केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने अपने संबोधन में युवा शक्ति पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, "कोई भी परिवार, समाज या राष्ट्र युवाओं के कारण ही चलता है। आज आर्य समाज के साथ युवाओं को जोड़ने की अत्यंत आवश्यकता है।

Rashtra Mandir : ऐतिहासिक नवलखा महल में सत्यार्थ प्रकाश न्यास के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय आर्य सम्मेलन का भव्य समापन स्वतंत्रता सेनानियों की याद में बने 'राष्ट्र मंदिर' के उद्घाटन के साथ हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण इसी 'राष्ट्र मंदिर' का उद्घाटन रहा, जिसे एमडीएच के अध्यक्ष महाशय राजीव गुलाटी ने किया। इस अवसर पर एमडीएच के अध्यक्ष महाशय राजीव गुलाटी ने कहा कि यह तीर्थ स्थल दीर्घकाल तक देश के स्वतंत्रता सेनानियों की याद दिलाता रहेगा। उन्होंने कहा, "यह मंदिर नई पीढ़ी को हमारे वीर सेनानियों के बलिदान से अवगत कराएगा और उनमें देशभक्ति की भावना जगाएगा।" उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए वीरों को नमन करते हुए इस पहल की सराहना की।
युवाओं पर राष्ट्र का भविष्य निर्भर: अनिल आर्य
केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने अपने संबोधन में युवा शक्ति पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, "कोई भी परिवार, समाज या राष्ट्र युवाओं के कारण ही चलता है। आज आर्य समाज के साथ युवाओं को जोड़ने की अत्यंत आवश्यकता है। केवल तभी महर्षि दयानन्द सरस्वती के सपनों का भारत बन पाएगा।" उन्होंने युवाओं से आर्य समाज के सिद्धांतों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
महर्षि दयानन्द की तपोभूमि का महत्व
उल्लेखनीय है कि नवलखा महल उदयपुर वह पावन स्थल है, जहां रहकर महर्षि दयानन्द सरस्वती ने आर्य समाज के मूल ग्रंथ 'सत्यार्थ प्रकाश' की रचना की थी। इस ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए इस सम्मेलन में देशभर से बड़ी संख्या में आर्य प्रतिनिधि शामिल हुए।
विशिष्ट उपस्थिति एवं संचालन
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सांसद स्वामी सुमेधा नंद सरस्वती ने की, जबकि कुशल संचालन अशोक आर्य ने किया। इस दौरान प्रमुख रूप से सांसद एवं विधायक ताराचंद जैन, जीव वर्धन शास्त्री, विमलेश बंसल एवं विनोद बंसल आदि गणमान्य लोगों ने अपने शुभकामनाएं व विचार व्यक्त किए। Rashtra Mandir
Rashtra Mandir : ऐतिहासिक नवलखा महल में सत्यार्थ प्रकाश न्यास के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय आर्य सम्मेलन का भव्य समापन स्वतंत्रता सेनानियों की याद में बने 'राष्ट्र मंदिर' के उद्घाटन के साथ हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण इसी 'राष्ट्र मंदिर' का उद्घाटन रहा, जिसे एमडीएच के अध्यक्ष महाशय राजीव गुलाटी ने किया। इस अवसर पर एमडीएच के अध्यक्ष महाशय राजीव गुलाटी ने कहा कि यह तीर्थ स्थल दीर्घकाल तक देश के स्वतंत्रता सेनानियों की याद दिलाता रहेगा। उन्होंने कहा, "यह मंदिर नई पीढ़ी को हमारे वीर सेनानियों के बलिदान से अवगत कराएगा और उनमें देशभक्ति की भावना जगाएगा।" उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए वीरों को नमन करते हुए इस पहल की सराहना की।
युवाओं पर राष्ट्र का भविष्य निर्भर: अनिल आर्य
केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने अपने संबोधन में युवा शक्ति पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, "कोई भी परिवार, समाज या राष्ट्र युवाओं के कारण ही चलता है। आज आर्य समाज के साथ युवाओं को जोड़ने की अत्यंत आवश्यकता है। केवल तभी महर्षि दयानन्द सरस्वती के सपनों का भारत बन पाएगा।" उन्होंने युवाओं से आर्य समाज के सिद्धांतों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
महर्षि दयानन्द की तपोभूमि का महत्व
उल्लेखनीय है कि नवलखा महल उदयपुर वह पावन स्थल है, जहां रहकर महर्षि दयानन्द सरस्वती ने आर्य समाज के मूल ग्रंथ 'सत्यार्थ प्रकाश' की रचना की थी। इस ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए इस सम्मेलन में देशभर से बड़ी संख्या में आर्य प्रतिनिधि शामिल हुए।
विशिष्ट उपस्थिति एवं संचालन
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सांसद स्वामी सुमेधा नंद सरस्वती ने की, जबकि कुशल संचालन अशोक आर्य ने किया। इस दौरान प्रमुख रूप से सांसद एवं विधायक ताराचंद जैन, जीव वर्धन शास्त्री, विमलेश बंसल एवं विनोद बंसल आदि गणमान्य लोगों ने अपने शुभकामनाएं व विचार व्यक्त किए। Rashtra Mandir












