महत्वपूर्ण जानकारी: इतिहास की किताबों से हटे कई चैप्टर्स
भारत
चेतना मंच
22 Aug 2025 01:28 PM
एनसीईआरटी (NCERT) ने वर्ष 2025 के लिए अपनी पाठ्यपुस्तकों में बड़ा बदलाव किया है। खासतौर पर कक्षा 7, 8 और 12 की इतिहास और सामाजिक विज्ञान की किताबों में कई अध्याय हटाए गए हैं और कुछ नए विषयों को शामिल किया गया है। इन बदलावों का मकसद पाठ्यक्रम को अधिक समकालीन, व्यावहारिक और भारतीय परंपरा के अनुरूप बनाना बताया गया है। NCERT Syllabus 2025
कक्षा 7 और 8 की इतिहास पुस्तकों से हटाए गए चैप्टर्स
मुगल साम्राज्य, दिल्ली सल्तनत, हैदर अली और टीपू सुल्तान, एंग्लो-मैसूर युद्ध यह विषय पहले मध्यकालीन भारत के सामाजिक, राजनीतिक और सैन्य पहलुओं को समझाने के लिए पढ़ाए जाते थे। कक्षा 12 की इतिहास पुस्तक से हटाया गया, “Kings and Chronicles: The Mughal Courts” यह चैप्टर मुगल दरबार की कार्यशैली, कल्चर और प्रशासकीय संरचना को दर्शाता था।
इन टॉपिक्स को जोड़ा गया है
भारतीय प्राचीन इतिहास पर जोर
नई किताबों में मगध, मौर्य, शुंग और सातवाहन जैसे प्राचीन भारतीय राजवंशों पर केंद्रित नए अध्याय जोड़े गए हैं।
'पवित्र भूगोल' और तीर्थस्थल
नए अध्यायों में भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों, चार धाम यात्रा, 12 ज्योतिर्लिंग, शक्ति पीठों और हाल ही में प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ का विस्तृत वर्णन है।
'ऑपरेशन सिंदूर' की जानकारी
बच्चों को अब पाकिस्तान प्रायोजित पहलगाम आतंकी हमले और उसके जवाब में भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में पढ़ाया जाएगा। इसे भारत के संकल्प और सम्मान का प्रतीक बताया गया है।
सरकारी योजनाएं पाठ्यक्रम में
मेक इन इंडिया, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, अटल सुरंग इन योजनाओं को सामाजिक विज्ञान की किताबों में शामिल किया गया है, ताकि बच्चे समकालीन भारत की नीतियों से परिचित हो सकें।
संविधान और नागरिक अधिकार
एक अध्याय में यह बताया गया है कि किस तरह सुप्रीम कोर्ट ने 2004 में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के अधिकार को नागरिकों के मौलिक अधिकारों में शामिल किया।
फीडिंग इंडिया और अन्य योजनाएं
नई किताबों में सरकार की योजनाओं के सामाजिक असर को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।
एनसीईआरटी का कहना है कि ये संशोधन शिक्षा को अधिक भारत-केंद्रित, आधुनिक और व्यवहारिक बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। पाठ्यपुस्तकों को इस तरह से डिजाइन किया जा रहा है, जिससे छात्रों को अपने देश के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और समसामयिक पहलुओं की बेहतर समझ मिल सके। साल 2025 की एनसीईआरटी किताबें केवल पाठ्यक्रम में बदलाव का संकेत नहीं देतीं, बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि शिक्षा व्यवस्था अब बच्चों को सिर्फ ऐतिहासिक घटनाओं तक सीमित नहीं रखना चाहती बल्कि उन्हें समाज, राष्ट्र और आधुनिक भारत से भी जोड़ना चाहती है। NCERT Syllabus 2025