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National News: तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने एक ऐसी पार्टी में विलय का फैसला लिया है जिसका नाम शायद ही किसी ने सुना होगा।

National News: तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसद जिस नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI)में शामिल हुए हैं। उसके बारे में हर तरफ चर्चे हैं। टीएमसी बागियों ने रविवार को NCPI में शामिल होने का ऐलान किया। NCPI इतनी अनजान सी पार्टी थी कि शायद ही इसके बारे में किसी को कुछ पता था, इसलिए इंटरनेट पर NCPI के बारे में खोजबीन शुरू हो गई। हम आपको बताते हैं इस गुमनाम
पार्टी के बारे में :
चुनावी प्रदर्शन
2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में NCPI ने 4 उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन सभी हार गए। पार्टी को कुल 1,198 वोट मिले। चुनाव आयोग के अनुसार पार्टी को लगभग 1.13 लाख रुपये का चंदा मिला था। इसके बाद यह पार्टी गायब सी हो गई।
दिलचस्प तथ्य
पार्टी ने अपने चुनावी पोस्टरों में दलबदल का विरोध किया था, लेकिन अब खुद टीएमसी के बागी सांसदों को शरण दे रही है।
बागी सांसदों का बयान
लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने रविवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने बिरला को सौंपे गए प्रतिवेदन पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘तृणमूल कांग्रेस के दो-तिहाई लोकसभा सदस्यों ने एक अलग समूह के रूप में मान्यता देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपा है। हम नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में अपना विलय करेंगे और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का समर्थन करेंगे।’’
बागी गुट के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ने उन 20 सांसदों के हस्ताक्षर की पुष्टि की जिन्होंने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था।
लोकसभा सदस्य सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि बागी गुट असली तृणमूल कांग्रेस के तौर पर मान्यता पाने के लिए अदालत में भी लड़ाई लड़ेगा और पार्टी के चुनाव चिह्न पर अपना दावा पेश करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया के साथ विलय कर लिया है।’’
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