
NCRTC Corridor: गाजियाबाद। एनसीआरटीसी ने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिडएक्स कॉरिडोर पर गाजिय़ाबाद में एक और टनल ब्रेकथ्रू में सफलता हासिल की। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) सुदर्शन 4.3 ने वैशाली मेट्रो स्टेशन के पास निर्मित रिट्रीवल शाफ्ट से इस टनल का ब्रेकथ्रू किया।
सुदर्शन 4.3 को आनंद विहार रैपिडएक्स स्टेशन से साहिबाबाद की ओर 2 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण करने के लिए लॉन्च किया गया था। आनंद विहार रैपिडएक्स स्टेशन के उत्तर में निर्मित लॉन्चिंग शाफ्ट से इस टीबीएम ने टनल की खुदाई का कार्य शुरू किया था और महज 11 महीनों से भी कम समय में इसका निर्माण सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया।
82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिडएक्स कॉरिडोर पर, दोनों दिशाओं में आवागमन के लिए दिल्ली और गाजिय़ाबाद सेक्शन में कुल 4 टनलों का निर्माण किया जा रहा है। आनंद विहार से न्यू अशोक नगर रैपिडएक्स स्टेशन की ओर लगभग प्रत्येक 3 किमी लंबी दो समानांतर टनलें और आनंद विहार से साहिबाबाद रैपिडएक्स स्टेशन की ओर लगभग प्रत्येक 2 किमी लंबी 2 समानांतर टनलें निर्मित की जा रही हैं।
दिल्ली और गाजियाबाद के भूमिगत खंड में प्रस्तावित 4 टनलों के लिए कुल 4 सुदर्शन (टीबीएम) निर्माण कार्य कर रही थीं, जिसमें से 2 का निर्माण इस टनल ब्रेकथ्रू के साथ पूरा हो गया है। अन्य दो सुरंगों की कुल लंबाई में से मात्र लगभग 800 मीटर की टनल बोरिंग का कार्य शेष है।
आनंद विहार से साहिबाबाद के बीच निर्मित इस 2 किलोमीटर लंबी टनल के निर्माण के लिए 9500 से अधिक हाई-प्रीसीशन वाले प्री-कास्ट टनल सेगमेंट्स का उपयोग किया गया है।
एनसीआरटीसी ने वर्ष 2025 तक पूरे 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर को जनता के लिए संचालित करने का लक्ष्य रखा है।