बीजेपी का नया चुनावी नारा बना NDA के लिए सिरदर्द? JDU ने बनाई दूरी!
भारत
चेतना मंच
27 Sep 2025 11:26 AM
बिहार विधानसभा चुनाव के करीब आते ही बीजेपी ने अपने चुनावी अभियान में ‘घुसपैठिया’ और जनसांख्यिकीय बदलाव को बड़ा मुद्दा बना दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्णिया की रैली में कहा कि NDA हर घुसपैठिए को राज्य से बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध है जबकि गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस विषय पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर कड़ी आलोचना की। बीजेपी का दावा है कि विपक्ष सीमा पार से आ रहे घुसपैठियों को संरक्षण दे रहा है जो चुनावी रणनीति का हिस्सा है। Bihar Election 2025
BJP के इस नारे पर विपक्ष का तीखा हमला
हालांकि, एनडीए के सबसे बड़े सहयोगी जेडीयू ने इस मुद्दे से साफ दूरी बनाई है। पार्टी का मानना है कि बिहार में विकास, रोजगार और सुशासन जैसे एजेंडों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, न कि घुसपैठिया जैसे संवेदनशील विषयों को बढ़ावा। लोजपा भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए है, जिससे गठबंधन के भीतर असहमति के सुर सुनाई दे रहे हैं। विपक्ष ने बीजेपी के इस नारे पर तीखा हमला किया है। आरजेडी ने आरोप लगाया कि बीजेपी 20 साल की नाकामी को छुपाने के लिए चुनाव को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने भी चुनाव आयोग के डेटा के हवाले से यह सवाल उठाए हैं कि घुसपैठियों का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है।
राजनीतिक विश्लेषक बताते हैं कि जबकि यह मुद्दा सीमांचल क्षेत्र के कुछ इलाकों में प्रभाव डाल सकता है पूरे बिहार में इसके असर पर सवाल हैं। जेडीयू की नाराजगी और गठबंधन के अंदर छिपी असहमति से एनडीए की एकजुटता कमजोर पड़ सकती है। अगर यह मतभेद चुनाव से पहले न सुलझे तो इसका भारी असर बिहार चुनाव के नतीजों पर पड़ सकता है। इस चुनावी लड़ाई में बीजेपी का ‘घुसपैठिया’ नारा उसके कोर वोट बैंक को जोड़ने की कोशिश है लेकिन जेडीयू की दूरी ने गठबंधन के भीतर तल्खी बढ़ा दी है। अब सवाल यह है कि क्या एनडीए अपने मतभेदों को सुलझा पाएगा या बिहार की राजनीति में यह खटपट गठबंधन की जीत की राह में रोड़ा बन जाएगी। Bihar Election 2025