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NEET पेपर लीक मामले में CBI जांच से UGC NET पेपर सेटर नाराज हो गए हैं और उन्होंने NTA के साथ काम न करने की चेतावनी दी है। जानें पूरा विवाद और नया अपडेट।

NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच अब और तेज हो गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए UGC NET परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों से भी पूछताछ की है। इस कार्रवाई के बाद परीक्षा प्रणाली से जुड़े विशेषज्ञों के बीच असंतोष और चिंता का माहौल बन गया है।
सूत्रों के अनुसार, 16 और 17 मई को दिल्ली के एक होटल में करीब 15 विशेषज्ञों से लंबी पूछताछ की गई। इन विशेषज्ञों का कहना है कि उनसे जिस तरह के सवाल पूछे गए, उससे उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वे किसी आपराधिक मामले में संदिग्ध हों, जबकि उनका NEET पेपर लीक मामले से सीधा कोई संबंध नहीं था।
CBI पूछताछ के बाद UGC NET परीक्षा के पेपर सेटरों में नाराजगी बढ़ गई है। कई विशेषज्ञों ने इसे अपमानजनक अनुभव बताया है। उनका कहना है कि बिना प्रत्यक्ष संबंध के भी उन्हें संदेह के घेरे में रखा गया, जिससे उनकी पेशेवर प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है।
कुछ पेपर सेटिंग विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि उनका नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के साथ कॉन्ट्रैक्ट जल्द खत्म होने वाला है और वे आगे NTA के साथ काम न करने पर विचार कर रहे हैं। उनका मानना है कि ऐसी जांच प्रक्रियाएं उनके करियर और सम्मान पर असर डाल सकती हैं।
विशेषज्ञों के इस रुख के बाद NTA के सामने भविष्य में नए पेपर सेटर पैनल तैयार करने की चुनौती बढ़ सकती है। यदि अनुभवी विशेषज्ञ दूरी बनाते हैं तो परीक्षा संचालन और प्रश्नपत्र निर्माण प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
हालांकि NTA की ओर से यह कहा गया है कि संस्थान में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए काम किया जा रहा है और भविष्य में नए और योग्य विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा
NEET-UG परीक्षा को लेकर चल रही अनियमितताओं के आरोपों के बीच पुनर्परीक्षा की तैयारी भी जारी है। सरकार ने परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए NTA में कई बड़े बदलाव किए हैं। दो नए अतिरिक्त महानिदेशक स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति की गई है और परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में काम चल रहा है।
इसके साथ ही प्रश्नपत्र निर्माण, मूल्यांकन और परीक्षा संचालन की प्रक्रिया में नए तकनीकी उपायों को शामिल करने की योजना भी बनाई गई है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
शिक्षा मंत्रालय ने साफ निर्देश दिए हैं कि NEET-UG पुनर्परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से कराई जाए। सभी राज्यों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जा सके।
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित हो सकती हैं, जिससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।
NEET पेपर लीक विवाद और CBI जांच के बीच अब परीक्षा प्रणाली और इससे जुड़े विशेषज्ञों के बीच तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है, जिसका असर आने वाले समय में परीक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
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