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NEET पेपर लीक मामले की जांच अब BHU तक पहुंच गई है। आरोपी दिनेश बिवाल की बेटी BHU में BAMS की छात्रा है। 12वीं और NEET के अंकों को लेकर जांच एजेंसियों और संस्थान में हलचल तेज हो गई है।

देशभर में चर्चा का विषय बने NEET पेपर लीक मामले की जांच अब काशी हिंदू विश्वविद्यालय यानी BHU तक पहुंच गई है। राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार किए गए आरोपी दिनेश बिवाल की बेटी BHU के आयुर्वेद संकाय में BAMS कोर्स की छात्रा है। यह जानकारी सामने आने के बाद संस्थान में हलचल तेज हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रा से जुड़े सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड अलग से सुरक्षित रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि जरूरत पड़ने पर जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराया जा सके।
जानकारी के अनुसार, जैसे ही यह मामला BHU के चिकित्सा विज्ञान संस्थान तक पहुंचा, अधिकारियों की तत्काल बैठक बुलाई गई। बैठक में छात्रा के प्रवेश से जुड़े सभी दस्तावेज मंगाए गए और उसकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि की समीक्षा की गई। संस्थान ने छात्रा की पूरी फाइल अलग से सुरक्षित रख दी है। माना जा रहा है कि यदि केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI इस मामले में BHU पहुंचती है तो यह रिकॉर्ड जांच में अहम भूमिका निभा सकता है।
CBI ने NEET पेपर लीक मामले में राजस्थान के जयपुर से दिनेश बिवाल, उसके भाई मांगीलाल और भतीजे विकास को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान यह दावा सामने आया कि विकास ने पिछले साल NEET परीक्षा का पेपर 25 लाख रुपये देकर खरीदा था। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।
जांच के दौरान सामने आई जानकारी के मुताबिक, दिनेश बिवाल की बेटी ने कक्षा 10 में 86 प्रतिशत और कक्षा 12 में 70 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। वहीं NEET 2024 में उसे 720 में से 355 अंक मिले थे। छात्रा ने राजस्थान के सीकर में कोचिंग की थी, जहां उसकी टेस्ट परीक्षाओं में औसत अंक 320 से 342 के बीच बताए गए हैं। इसके अलावा NEET 2025 में उसका 94.07 परसेंटाइल आया था।
इन्हीं आंकड़ों को लेकर अब सोशल मीडिया और शैक्षणिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि अभी तक जांच एजेंसियों की ओर से छात्रा के खिलाफ कोई आधिकारिक आरोप नहीं लगाया गया है, लेकिन पूरे मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है।
जांच एजेंसियों को मिली जानकारी के अनुसार, इस परिवार के पांच बच्चे अलग-अलग सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें कुछ छात्र राजस्थान, महाराष्ट्र और मुंबई के मेडिकल संस्थानों में अध्ययनरत हैं। इसी वजह से जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क और एडमिशन प्रक्रिया की भी पड़ताल कर रही हैं।
मामले में एक और अहम पहलू तब सामने आया जब आरोपी दिनेश बिवाल की पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने लगी। 6 नवंबर 2025 को फेसबुक पर किए गए एक पोस्ट में उसने लिखा था कि उसके परिवार के पांच बच्चों का चयन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में हुआ है और यह उनके परिवार के लिए गर्व की बात है। अब यही पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर की जा रही है और लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं।
इस पूरे मामले के बीच वाराणसी में छात्र संगठनों ने भी विरोध जताया है। दिशा छात्र संगठन के छात्रों का कहना है कि NEET परीक्षा में लगातार पेपर लीक और धांधली के मामले सामने आने से छात्रों और आम लोगों का भरोसा कमजोर हो रहा है। छात्रों ने आरोप लगाया कि 2015, 2021 और 2024 के बाद अब फिर ऐसे मामलों ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छात्र नेताओं का कहना है कि जब युवा परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठाते हैं तो उन पर कार्रवाई होती है, जबकि असली दोषियों तक पहुंचने में लंबा समय लग जाता है। ऐसे में अब सभी की नजर CBI जांच पर टिकी हुई है, जिससे इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
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