NEET PG 2025 विवाद: क्या बदलेगा मेडिकल एडमिशन का खेल? सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी नजरें
भारत
चेतना मंच
19 Sep 2025 05:38 PM
NEET PG 2025 रिजल्ट विवाद: देशभर के हजारों मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए 23 सितम्बर बेहद अहम दिन साबित हो सकता है। NEET PG 2025 रिजल्ट को लेकर उठे विवाद की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट करने जा रहा है। कोर्ट ने इस मामले को सुनवाई सूची में पहले नंबर पर रखा है, यानी कार्यवाही की शुरुआत ही इसी केस से होगी। यह सुनवाई मेडिकल एडमिशन प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।
क्यों उठे पारदर्शिता पर सवाल
परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद कई छात्रों ने आरोप लगाया कि स्कोर कार्ड में 50 से 150 अंकों तक का अंतर है। छात्रों का कहना है कि नॉर्मलाइजेशन का तरीका अब तक स्पष्ट नहीं किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) को निर्देश दिया था कि वे रॉ स्कोर, आंसर-की और नॉर्मलाइजेशन का पूरा विवरण सार्वजनिक करें। लेकिन अभी तक बोर्ड ने केवल प्रश्न आईडी और उनके उत्तर जारी किए हैं। इस वजह से छात्रों का गुस्सा और भी बढ़ गया है।
काउंसलिंग शेड्यूल पर भी असर
मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) जल्द ही NEET PG 2025 काउंसलिंग शेड्यूल जारी करने वाली है, जिसकी आधिकारिक जानकारी mcc.nic.in पर दी जाएगी। लेकिन रिजल्ट विवाद के कारण ऑल इंडिया काउंसलिंग की टाइमलाइन सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से प्रभावित हो सकती है। इस बीच गुजरात, तमिलनाडु और केरल जैसे कई राज्यों ने अपनी स्टेट लेवल काउंसलिंग पहले ही शुरू कर दी है।
ट्रांसजेंडर आरक्षण पर अलग याचिका
इसी दिन कोर्ट एक और अहम याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें ट्रांसजेंडर कैंडिडेट्स को मेडिकल एडमिशन में आरक्षण देने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं ने सभी श्रेणियों में 1% हॉरिजॉन्टल आरक्षण की अपील की है। यह फैसला मेडिकल शिक्षा प्रणाली को और अधिक समावेशी और समानता आधारित बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।
छात्रों की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर
अब सबकी नजरें 23 सितम्बर को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। यह सुनवाई न सिर्फ NEET PG 2025 परीक्षा की पारदर्शिता पर फैसला करेगी, बल्कि मेडिकल एडमिशन के पूरे ढांचे में बड़े बदलाव की नींव भी रख सकती है।
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