इसके साथ ही एग्जाम सिटी अलॉटमेंट की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है ताकि अभ्यर्थियों को पहले से यात्रा और ठहरने की तैयारी करने का पर्याप्त समय मिल सके। इस साल NEET PG 2026 के लिए 2.7 लाख से अधिक मेडिकल ग्रेजुएट्स ने आवेदन किया है जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।

NEET PG 2026 परीक्षा की तैयारी कर रहे मेडिकल ग्रेजुएट्स के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने इस साल परीक्षा प्रक्रिया में कई अहम बदलाव किए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य परीक्षा को पहले से ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। अब परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले उम्मीदवारों का आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन किया जाएगा। इसके साथ ही एग्जाम सिटी अलॉटमेंट की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है ताकि अभ्यर्थियों को पहले से यात्रा और ठहरने की तैयारी करने का पर्याप्त समय मिल सके। इस साल NEET PG 2026 के लिए 2.7 लाख से अधिक मेडिकल ग्रेजुएट्स ने आवेदन किया है जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।
इस बार NEET PG परीक्षा में उम्मीदवारों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया गया है। रजिस्ट्रेशन के समय और परीक्षा वाले दिन दोनों चरणों में बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन किया जाएगा। यदि किसी उम्मीदवार का फिंगरप्रिंट सत्यापन सफल नहीं होता है तो उसकी पहचान आइरिस स्कैन यानी आंखों की पुतली के माध्यम से की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य फर्जी अभ्यर्थियों और प्रतिरूपण जैसी गड़बड़ियों को रोकना है।
NBEMS ने परीक्षा शहर आवंटन के नियमों में भी बदलाव किया है। अब आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को अपनी पसंद के तीन राज्यों का चयन करना होगा। इनमें पत्राचार (Correspondence) वाला राज्य पहली प्राथमिकता के रूप में चुनना अनिवार्य होगा। परीक्षा शहर की जानकारी परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले जारी की जाएगी ताकि उम्मीदवार समय रहते यात्रा और रहने की व्यवस्था कर सकें। NEET PG 2026 परीक्षा 30 अगस्त को आयोजित की जाएगी।
इस वर्ष परीक्षा का प्रारूप पहले की तरह रहेगा। अभ्यर्थियों से 180 बहुविकल्पीय (MCQ) प्रश्न पूछे जाएंगे। इन प्रश्नों को हल करने के लिए कुल 210 मिनट यानी 3 घंटे 30 मिनट का समय दिया जाएगा। उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या को देखते हुए परीक्षा संचालन की तैयारियां भी पहले से अधिक मजबूत की गई हैं।
इस बार परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कई अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। सभी केंद्रों पर CCTV कैमरों से निगरानी होगी। इसके अलावा बायोमेट्रिक जांच, उम्मीदवारों की तलाशी, सिग्नल जैमर, डायनेमिक कंप्यूटर आवंटन और केंद्रीय व क्षेत्रीय कमांड सेंटर से लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था रहेगी। पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी के लिए 60 हजार से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। प्रश्नपत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मल्टी-लेयर एन्क्रिप्शन और तय समय पर डिजिटल डिक्रिप्शन तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने परीक्षा तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निष्पक्ष और तकनीक आधारित परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे पेपर लीक या किसी भी तरह की अफवाहों पर भरोसा न करें। उनका कहना है कि प्रश्नपत्र तैयार करने और जारी करने की पूरी प्रक्रिया सुरक्षित व्यवस्था के तहत संचालित की जाती है। साथ ही NBEMS ने प्रतिरूपण, दलालों की गतिविधियों और अन्य अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराने के लिए एक विशेष ईमेल सुविधा भी शुरू की है।
NEET PG 2026 में लागू किए गए नए नियम परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम माने जा रहे हैं। आधार आधारित पहचान, बदली हुई एग्जाम सिटी अलॉटमेंट व्यवस्था और मजबूत सुरक्षा इंतजामों का उद्देश्य सभी अभ्यर्थियों के लिए निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करना है। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करें और परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर लें।
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