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Nagpur News: हेल्पलाइन पर मौजूद अधिकारी ने भरोसा दिलाया था कि जल्द ही गलती सुधार दी जाएगी। हालांकि परीक्षा की तारीख करीब आने के बावजूद एडमिट कार्ड में कोई बदलाव नहीं किया गया।

NEET री-टेस्ट में शामिल होने जा रहे नागपुर के एक छात्र को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसने अपना हॉल टिकट डाउनलोड किया। नागपुर के रहने वाले छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब के एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र भारत के बजाय संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में दिखाया गया। परीक्षा से ठीक पहले सामने आई इस गलती के बावजूद अब तक सेंटर में कोई बदलाव नहीं किया गया है जिससे परिवार की चिंता लगातार बढ़ रही है। अब्दुल्ला का कहना है कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी पूरी कर रखी थी लेकिन हॉल टिकट में आई इस गलती ने पूरे परिवार को परेशान कर दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर वह परीक्षा देने कहां जाएंगे।
अब्दुल्ला को 14 जून को हॉल टिकट जारी किया गया था। एडमिट कार्ड में उनका परीक्षा केंद्र अबू धाबी इंडियन स्कूल दिखाया गया। परिवार ने तुरंत NTA की हेल्पलाइन से संपर्क किया और समस्या की जानकारी दी। परिवार के अनुसार, हेल्पलाइन पर मौजूद अधिकारी ने भरोसा दिलाया था कि जल्द ही गलती सुधार दी जाएगी। हालांकि परीक्षा की तारीख करीब आने के बावजूद एडमिट कार्ड में कोई बदलाव नहीं किया गया। इसी वजह से परिवार लगातार NTA से संपर्क बनाए हुए है और समाधान का इंतजार कर रहा है।
स्थिति इतनी असामान्य हो गई कि परिवार ने विदेश यात्रा से जुड़े दस्तावेजों और फ्लाइट टिकट की संभावनाओं पर भी विचार करना शुरू कर दिया। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि छात्र के पास पासपोर्ट तक नहीं है। परिजनों का कहना है कि वे इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि इतने कम समय में पासपोर्ट और यात्रा संबंधी औपचारिकताएं कैसे पूरी होंगी। इसके बावजूद वे इस संभावना पर भी विचार कर रहे थे कि कहीं परीक्षा छूट न जाए इसलिए अगर जरूरत पड़ी तो छात्र को अबू धाबी भेजने की कोशिश की जाए।
अब्दुल्ला पहले से ही NEET परीक्षा से जुड़े विवादों और री-टेस्ट की स्थिति के कारण तनाव में थे। परिवार का कहना है कि पेपर लीक से जुड़े घटनाक्रम के बाद छात्र मानसिक दबाव में था और अब हॉल टिकट में हुई इस गलती ने उसकी परेशानी को और बढ़ा दिया है। परीक्षा की तैयारी के बजाय परिवार का अधिक समय अब समस्या के समाधान और NTA से संपर्क करने में बीत रहा है।
सिर्फ अब्दुल्ला ही नहीं, बल्कि कई अन्य अभ्यर्थियों और उनके माता-पिता ने भी परीक्षा केंद्र बदलने की शिकायत की है। कई परिवारों का कहना है कि उन्होंने अपने पुराने परीक्षा केंद्र को ही बनाए रखने का विकल्प चुना था लेकिन बाद में जारी हुए हॉल टिकट में सेंटर बदलकर किसी अन्य स्थान पर कर दिया गया। कुछ मामलों में परीक्षा केंद्र शहर के दूसरे हिस्सों में भेज दिए गए जबकि कुछ छात्रों को दूसरे जिलों तक जाना पड़ सकता है।
नागपुर के कई अभिभावकों ने दावा किया है कि उनकी पसंद के बावजूद परीक्षा केंद्र बदल दिए गए। कुछ छात्रों को शहर के भीतर दूसरे कॉलेजों में भेजा गया जबकि कुछ के केंद्र शहर की सीमा से बाहर निर्धारित किए गए। एक अभिभावक ने बताया कि उन्होंने पहले वाले केंद्र को बनाए रखने का विकल्प चुना था लेकिन नया हॉल टिकट जारी होने पर परीक्षा केंद्र किसी दूसरे संस्थान में बदल गया। जब इस बारे में शिकायत की गई तो उन्हें बार-बार हॉल टिकट डाउनलोड करके अपडेट देखने की सलाह दी गई।
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