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NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को लेकर बड़ा कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

NEET-UG 2026 : NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को लेकर बड़ा कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। अदालत आज इस मामले पर सुनवाई करेगी। सरकार ने 21 जून को होने वाली NEET पुनर्परीक्षा से पहले पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं को रोकने के उद्देश्य से टेलीग्राम ऐप पर अस्थायी रोक लगाई थी। यह आदेश इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 69A के तहत जारी किया गया है। NEET-UG 2026
टेलीग्राम ने सरकार के इस कदम को अनुचित बताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। बुधवार को मामले को जस्टिस तेजस करिया के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिन्होंने तत्काल सुनवाई की सहमति दी। अब इस पर आज विस्तृत सुनवाई होगी। बता दें कि सरकारी आदेश के बाद गूगल ने टेलीग्राम ऐप को अपने प्ले स्टोर से हटा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, एप्पल भी जल्द इसी तरह का कदम उठा सकता है। इस कार्रवाई के बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सरकारी नियंत्रण को लेकर बहस तेज हो गई है। टेलीग्राम के संस्थापक और सीईओ पावेल दुरोव ने इस फैसले को गलत ठहराते हुए कहा कि इससे समस्या का समाधान नहीं होगा, क्योंकि अपराधी अन्य प्लेटफॉर्म्स पर शिफ्ट हो जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि भारत में करीब 15 करोड़ यूजर्स इस रोक से प्रभावित हो रहे हैं। NEET-UG 2026
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा 21 जून को पुनर्परीक्षा आयोजित की जाएगी। सरकार का कहना है कि यह कदम परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, सरकार टेलीग्राम से यह भी चर्चा कर रही है कि मैसेज एडिट फीचर को अस्थायी रूप से बंद किया जाए, ताकि फर्जी सूचना और पेपर लीक से जुड़ी सामग्री पर रोक लगाई जा सके। NEET-UG 2026
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