चंडीगढ़ नगर निगम में खिला कमल, आप पार्टी-कांग्रेस की रणनीति हुई फेल

चंडीगढ़ नगर निगम के चुनावों में आप पार्टी और कांग्रेस के बीच आपसी मतभेद और तालमेल की कमी का सीधा फायदा भाजपा को मिला।भाजपा ने इस जीत को पार्टी की नीतियों और संगठन की मजबूती का परिणाम बताया।

Kamal in Chandigarh Municipal Corporation
भाजपा की जीत पर सियासी घमासान (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar29 Jan 2026 07:37 PM
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Chandigarh Municipal Corporation : चंडीगढ़ नगर निगम के चुनावों में भाजपा ने एकतरफा जीत दर्ज करते हुए मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर—तीनों पदों पर कब्जा कर लिया है। आप पार्टी और कांग्रेस के बीच आपसी मतभेद और तालमेल की कमी का सीधा फायदा भाजपा को मिला, जिससे पार्टी ने नगर निगम में क्लीन स्वीप किया। मेयर पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा उम्मीदवार सौरभ जोशी को कुल 18 वोट मिले। आप पार्टी के उम्मीदवार को 11 वोट, जबकि कांग्रेस को 7 वोट मिले, जिनमें सांसद का एक वोट भी शामिल था। वहीं सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में कांग्रेस ने हिस्सा ही नहीं लिया।

पहली बार हाथ उठाकर हुई वोटिंग

इस बार नगर निगम चुनाव में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। पहली बार सीक्रेट बैलेट की जगह हाथ उठाकर वोटिंग कराई गई, जिसने पूरे चुनाव को और भी चर्चा में ला दिया।

हार पर कांग्रेस ने आप पार्टी को ठहराया जिम्मेदार

चुनाव में हार के बाद कांग्रेस ने सीधे तौर पर आप पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इंडिया गठबंधन से दूरी बनाने की शुरुआत आप पार्टी ने की थी। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि भाजपा को रोकने के नाम पर हर बार समझौता कांग्रेस ही क्यों करे? अगर भाजपा को रोकना है तो आप पार्टी को भी हमारे पक्ष में वोट करना चाहिए था। कांग्रेस का आरोप है कि केजरीवाल कभी गोवा तो कभी गुजरात में चुनाव लड़ते हैं, लेकिन जीत नहीं पाते, जबकि नुकसान कांग्रेस को उठाना पड़ता है।

भाजपा बोली—यह हमारी नीतियों की जीत

भाजपा ने इस जीत को पार्टी की नीतियों और संगठन की मजबूती का परिणाम बताया। पार्टी का कहना है कि लोकसभा चुनावों में कांग्रेस और आप पार्टी इंडिया गठबंधन के तहत साथ लड़े थे, लेकिन अब नगर निगम चुनाव में साथ क्यों नहीं आए, इसका जवाब उन्हें चंडीगढ़ की जनता को देना चाहिए। नवनिर्वाचित मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि वह पिछले 25 साल से भाजपा के कार्यकर्ता हैं और पार्टी हर कार्यकर्ता की कद्र करती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगामी पार्षद चुनावों को देखते हुए बीजेपी अपने काम और परफॉर्मेंस के दम पर जनता के बीच जाएगी।

आप पार्टी का आरोप—भाजपा के षड्यंत्र में कामयाब रही कांग्रेस

आप पार्टी के चंडीगढ़ प्रभारी जरनैल सिंह ने भाजपा और कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस के सहयोग से मेयर बनाने में कामयाब रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता की भूख में कांग्रेस और भाजपा अक्सर एक-दूसरे का साथ लेती रही हैं और चंडीगढ़ में भी यही देखने को मिला। जरनैल सिंह ने यह भी दावा किया कि 2021 में आप पार्टी चंडीगढ़ नगर निगम की सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, लेकिन बीजेपी ने पार्षदों को तोड़कर जनता के जनादेश का अपमान किया।

आगे और भी सियासी गर्मी तय

गौरतलब है कि चंडीगढ़ नगर निगम के पार्षदों का पांच साल का कार्यकाल इस साल के अंत में खत्म हो रहा है। इसके साथ ही नए पार्षदों के चुनाव और पंजाब विधानसभा चुनाव भी नजदीक हैं। ऐसे में बीजेपी, कांग्रेस और आप पार्टी के बीच सियासी घमासान और तेज होने की पूरी संभावना है। Chandigarh Municipal Corporation

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महाराष्ट्र की राजनीति में उपमुख्यमंत्री पद को लेकर एनसीपी में हलचल

एनसीपी के भविष्य को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी किसे मिलेगी, इस पर भी प्रयास लगाए जा रहे हैं। एनसीपी के कैबिनेट मंत्री नरहरि जिरवाल को महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग उठ रही है।

Turmoil in NCP
महाराष्ट्र की राजनीति में नई करवट के संकेत (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar29 Jan 2026 05:32 PM
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NCP Future: अजित पवार को लेकर हालिया घटनाक्रम और उनसे जुड़ी अटकलों के बीच एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) के भविष्य को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। साथ ही महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी किसे मिलेगी, इस पर भी प्रयास लगाए जा रहे हैं। बारामती में गुरुवार को हुए कार्यक्रमों के बाद पार्टी संगठन और नेतृत्व को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। हालांकि इस संवेदनशील समय में पवार परिवार और स्थानीय जनता भावनात्मक दौर से गुजर रही है, लेकिन राजनीतिक हलचलें भी साथ-साथ चल रही हैं।

सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाने की मांग

बता दें कि एनसीपी के कैबिनेट मंत्री नरहरि जिरवाल ने अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग उठाई है। जिरवाल का कहना है कि पार्टी और सरकार में स्थिरता बनाए रखने के लिए नेतृत्व का निर्णय जल्द होना चाहिए।

वरिष्ठ नेताओं की सुनेत्रा पवार से मुलाकात

बता दें कि गुरुवार को एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल और धनंजय मुंडे ने सुनेत्रा पवार से मुलाकात की। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें तेज हो गईं कि उपमुख्यमंत्री पद को लेकर बातचीत हुई है। हालांकि छगन भुजबल ने मीडिया से बातचीत में इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि यह केवल शिष्टाचार भेंट थी और किसी भी तरह की राजनीतिक चर्चा नहीं हुई।

पार्टी के भविष्य पर सस्पेंस बरकरार

बताया जा रहा है कि बारामती में अजित पवार गुट से जुड़े कई नेताओं ने भी सुनेत्रा पवार से संपर्क किया है। इसमें हसन मुशिरिफ सहित अन्य नेता शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व या उपमुख्यमंत्री पद को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ दिनों में एनसीपी और राज्य सरकार की दिशा को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है। NCP Future

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सोशल मीडिया से हर पल चोरी हो रहा है आपका डेटा, सावधान रहें

डेटा हैकर्स आपकी निजी जानकारी जैसे आपका ई-मेल, पासवर्ड तथा दूसरी निजी जानकारी चुराकर बेच देते हैं। आपका डेटा चोरी होने के कारण हर समय उसके दुरूपयोग की संभावना बनी रहती है। दावा किया जा रहा है कि हर पल डेटा चोरी का काम हैकर्स कर रहे हैं।

डेटा लीक का नया चेहरा
डेटा लीक का नया चेहरा
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar29 Jan 2026 03:08 PM
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Social media Data Theft : वर्तमान युग इंटरनेट तथा सोशल मीडिया का युग है। ज्यादातर नागरिक सोशल मीडिया तथा इंटरनेट का प्रयोग करते हैं। इंटरनेट तथा सोशल मीडिया एक बहुत बड़ा बाजार भी है। इसी बाजार में बड़ी संख्या में डेटा हैकर्स भी सक्रिय हैं। डेटा हैकर्स आपकी निजी जानकारी जैसे आपका ई-मेल, पासवर्ड तथा दूसरी  निजी जानकारी चुराकर बेच देते हैं। आपका डेटा चोरी होने के कारण हर समय उसके दुरूपयोग की संभावना बनी रहती है। दावा किया जा रहा है कि हर पल डेटा चोरी का काम हैकर्स कर रहे हैं।

14 करोड़ से अधिक यूजर्स का डेटा हो चुका है चोरी

हाल ही में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इन आंकड़ों में बताया गया है कि इंटरनेट पर मौजूद 149 मिलियन यानी कि 14 करोड़ 90 लाख यूजर्स का डेटा चोरी हुआ है। इतना बड़ा डेटा किसी एक कंपनी के सर्वर को तोडक़र या हैक करके नहीं चुराया गया है। वास्तव में यह वह आंकड़ा है जो अलग-अलग वेबसाइट्स के जरिए चुराए गए डेटा को जोडक़र तैयार किया गया है। इसका अर्थ यह है कि पूरी दुनिया में इंटरनेट के 14 करोड़ 90 लाख यूजर्स का डेटा अब तक चोरी किया जा चुका है।

कैसे सामने आया इतना बड़ा डेटा चोरी का आंकड़ा?

यह डेटा चोरी का आंकड़ा साइबर रिसर्चर जेरेमिया फाउलर ने तैयार किया है। उन्होंने ExpressVPN के जरिए अपनी रिपोर्ट शेयर की। इस रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 96GB डेटा इंटरनेट पर बिना किसी सिक्योरिटी और एन्क्रिप्शन के खुला पड़ा था, जिसे कोई भी एक्सेस कर सकता था। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि यह डेटा किसी हैकर ने नहीं डाला था। दरअसल, यह गलत तरीके से कॉन्फिगर किए गए डेटाबेस में पाया गया। जब तक होस्टिंग प्रोवाइडर ने इसे हटाया तब तक इसमें लगातार नए लॉगइन डिटेल्स जुड़ते रहे।

डेटा चोरी के मामले में यें हैं सबसे ज्यादा प्रभावित प्लेटफॉर्म

इस डेटा चोरी में लगभग सभी बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म शामिल हैं। ईमेल अकाउंट्स में Gmail, Yahoo, Outlook, सोशल मीडिया में Facebook, Instagram, TikTok, X, और एंटरटेनमेंट में Netflix, Disney Plus, HBO Max, Roblox के अकाउंट्स लीक हुए। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया कि OnlyFans और कुछ सरकारी लॉगिन डिटेल्स भी इसमें शामिल हो सकती हैं।

कहां से कितना डेटा हुआ है चोरी

रिपोर्ट के मुताबिक 

Gmail: 4.8 करोड़ अकाउंट्स चोरी

Yahoo: 40 लाख अकाउंट्स चोरी

Outlook: 15 लाख अकाउंट्स चोरी

Facebook: 1.7 करोड़ अकाउंट्स चोरी

Instagram: 65 लाख अकाउंट्स चोरी

TikTok: 8 लाख अकाउंट्स चोरी

Netflix: 42 लाख अकाउंट्स चोरी

यह आंकड़े बताते हैं कि कितने बड़े पैमाने पर यूजर डेटा असुरक्षित रहा।

डेटा चोरी के मामले में खतरनाक मैलवेयर बना सबसे बड़ा खतरा

इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक बात यह है कि डेटा किसी हैकर ने नहीं बल्कि Infostealer नाम के खतरनाक मैलवेयर ने चुराया। यह मैलवेयर चुपचाप यूजर के डिवाइस में घुसता है और यूजरनेम, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील जानकारी चोरी कर लेता है। जब तक यह डेटाबेस ऑनलाइन रहा यह मैलवेयर लगातार नए डेटा जोड़ता रहा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कितने लोगों ने इस डेटा को डाउनलोड किया इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।

आप तुरन्त पता लगा सकते हैं कि आपका डेटा भी चोरी हुआ है क्या

आप इस बात का आसानी से पता लगा सकते हैं कि क्या आपका डेटा भी चोरी हो गया है। यह पता लगाने के लिए इंटरनेट पर ही उसका तरीका मौजूद है। इंटरनेट पर एक भरोसेमंद वेबसाइट जिसका नाम है Have I Been Pwned. यह वेबसाइट ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट Troy Hunt ने बनाई है और दुनिया भर की बड़ी कंपनियां भी इस पर ट्रस्ट करती हैं। इससे पहले भी कई बार डेटा लीक के दौरान ये वेबसाइट काफी पॉपुलर हुई है। इस साइट पर आपको बस अपना ईमेल डालना होता है। अगर आपका ईमेल किसी बड़े डेटा लीक में पाया गया है, तो साइट तुरंत बता देती है। ये वेबसाइट यूज करना काफी आसान है और ये फ्री भी है। इस वेबसाइट से आप यह पता लगा सकते हैं कि कौन सी वेबसाइट से डेटा लीक हुआ, किस साल ब्रीच हुआ, क्या सिर्फ ईमेल लीक हुआ या पासवर्ड्स भी शामिल हैं। घबराने की जरूरत नहीं।

सावधान रहें तथा यह चार काम तुरंत कर लें

जिस साइट से आपका डेटा लीक हुआ है, वहां पासवर्ड तुरंत बदलें, अगर वही पासवर्ड दूसरी साइट्स पर है, वहां भी बदलें, आगे से हर बड़ी साइट पर अलग पासवर्ड रखें, 2-step verification तुरंत ऑन कर लें। Social media Data Theft



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