चंडीगढ़ नगर निगम में खिला कमल, आप पार्टी-कांग्रेस की रणनीति हुई फेल
चंडीगढ़ नगर निगम के चुनावों में आप पार्टी और कांग्रेस के बीच आपसी मतभेद और तालमेल की कमी का सीधा फायदा भाजपा को मिला।भाजपा ने इस जीत को पार्टी की नीतियों और संगठन की मजबूती का परिणाम बताया।

Chandigarh Municipal Corporation : चंडीगढ़ नगर निगम के चुनावों में भाजपा ने एकतरफा जीत दर्ज करते हुए मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर—तीनों पदों पर कब्जा कर लिया है। आप पार्टी और कांग्रेस के बीच आपसी मतभेद और तालमेल की कमी का सीधा फायदा भाजपा को मिला, जिससे पार्टी ने नगर निगम में क्लीन स्वीप किया। मेयर पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा उम्मीदवार सौरभ जोशी को कुल 18 वोट मिले। आप पार्टी के उम्मीदवार को 11 वोट, जबकि कांग्रेस को 7 वोट मिले, जिनमें सांसद का एक वोट भी शामिल था। वहीं सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में कांग्रेस ने हिस्सा ही नहीं लिया।
पहली बार हाथ उठाकर हुई वोटिंग
इस बार नगर निगम चुनाव में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। पहली बार सीक्रेट बैलेट की जगह हाथ उठाकर वोटिंग कराई गई, जिसने पूरे चुनाव को और भी चर्चा में ला दिया।
हार पर कांग्रेस ने आप पार्टी को ठहराया जिम्मेदार
चुनाव में हार के बाद कांग्रेस ने सीधे तौर पर आप पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इंडिया गठबंधन से दूरी बनाने की शुरुआत आप पार्टी ने की थी। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि भाजपा को रोकने के नाम पर हर बार समझौता कांग्रेस ही क्यों करे? अगर भाजपा को रोकना है तो आप पार्टी को भी हमारे पक्ष में वोट करना चाहिए था। कांग्रेस का आरोप है कि केजरीवाल कभी गोवा तो कभी गुजरात में चुनाव लड़ते हैं, लेकिन जीत नहीं पाते, जबकि नुकसान कांग्रेस को उठाना पड़ता है।
भाजपा बोली—यह हमारी नीतियों की जीत
भाजपा ने इस जीत को पार्टी की नीतियों और संगठन की मजबूती का परिणाम बताया। पार्टी का कहना है कि लोकसभा चुनावों में कांग्रेस और आप पार्टी इंडिया गठबंधन के तहत साथ लड़े थे, लेकिन अब नगर निगम चुनाव में साथ क्यों नहीं आए, इसका जवाब उन्हें चंडीगढ़ की जनता को देना चाहिए। नवनिर्वाचित मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि वह पिछले 25 साल से भाजपा के कार्यकर्ता हैं और पार्टी हर कार्यकर्ता की कद्र करती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगामी पार्षद चुनावों को देखते हुए बीजेपी अपने काम और परफॉर्मेंस के दम पर जनता के बीच जाएगी।
आप पार्टी का आरोप—भाजपा के षड्यंत्र में कामयाब रही कांग्रेस
आप पार्टी के चंडीगढ़ प्रभारी जरनैल सिंह ने भाजपा और कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस के सहयोग से मेयर बनाने में कामयाब रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता की भूख में कांग्रेस और भाजपा अक्सर एक-दूसरे का साथ लेती रही हैं और चंडीगढ़ में भी यही देखने को मिला। जरनैल सिंह ने यह भी दावा किया कि 2021 में आप पार्टी चंडीगढ़ नगर निगम की सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, लेकिन बीजेपी ने पार्षदों को तोड़कर जनता के जनादेश का अपमान किया।
आगे और भी सियासी गर्मी तय
गौरतलब है कि चंडीगढ़ नगर निगम के पार्षदों का पांच साल का कार्यकाल इस साल के अंत में खत्म हो रहा है। इसके साथ ही नए पार्षदों के चुनाव और पंजाब विधानसभा चुनाव भी नजदीक हैं। ऐसे में बीजेपी, कांग्रेस और आप पार्टी के बीच सियासी घमासान और तेज होने की पूरी संभावना है। Chandigarh Municipal Corporation
Chandigarh Municipal Corporation : चंडीगढ़ नगर निगम के चुनावों में भाजपा ने एकतरफा जीत दर्ज करते हुए मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर—तीनों पदों पर कब्जा कर लिया है। आप पार्टी और कांग्रेस के बीच आपसी मतभेद और तालमेल की कमी का सीधा फायदा भाजपा को मिला, जिससे पार्टी ने नगर निगम में क्लीन स्वीप किया। मेयर पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा उम्मीदवार सौरभ जोशी को कुल 18 वोट मिले। आप पार्टी के उम्मीदवार को 11 वोट, जबकि कांग्रेस को 7 वोट मिले, जिनमें सांसद का एक वोट भी शामिल था। वहीं सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में कांग्रेस ने हिस्सा ही नहीं लिया।
पहली बार हाथ उठाकर हुई वोटिंग
इस बार नगर निगम चुनाव में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। पहली बार सीक्रेट बैलेट की जगह हाथ उठाकर वोटिंग कराई गई, जिसने पूरे चुनाव को और भी चर्चा में ला दिया।
हार पर कांग्रेस ने आप पार्टी को ठहराया जिम्मेदार
चुनाव में हार के बाद कांग्रेस ने सीधे तौर पर आप पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इंडिया गठबंधन से दूरी बनाने की शुरुआत आप पार्टी ने की थी। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि भाजपा को रोकने के नाम पर हर बार समझौता कांग्रेस ही क्यों करे? अगर भाजपा को रोकना है तो आप पार्टी को भी हमारे पक्ष में वोट करना चाहिए था। कांग्रेस का आरोप है कि केजरीवाल कभी गोवा तो कभी गुजरात में चुनाव लड़ते हैं, लेकिन जीत नहीं पाते, जबकि नुकसान कांग्रेस को उठाना पड़ता है।
भाजपा बोली—यह हमारी नीतियों की जीत
भाजपा ने इस जीत को पार्टी की नीतियों और संगठन की मजबूती का परिणाम बताया। पार्टी का कहना है कि लोकसभा चुनावों में कांग्रेस और आप पार्टी इंडिया गठबंधन के तहत साथ लड़े थे, लेकिन अब नगर निगम चुनाव में साथ क्यों नहीं आए, इसका जवाब उन्हें चंडीगढ़ की जनता को देना चाहिए। नवनिर्वाचित मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि वह पिछले 25 साल से भाजपा के कार्यकर्ता हैं और पार्टी हर कार्यकर्ता की कद्र करती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगामी पार्षद चुनावों को देखते हुए बीजेपी अपने काम और परफॉर्मेंस के दम पर जनता के बीच जाएगी।
आप पार्टी का आरोप—भाजपा के षड्यंत्र में कामयाब रही कांग्रेस
आप पार्टी के चंडीगढ़ प्रभारी जरनैल सिंह ने भाजपा और कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस के सहयोग से मेयर बनाने में कामयाब रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता की भूख में कांग्रेस और भाजपा अक्सर एक-दूसरे का साथ लेती रही हैं और चंडीगढ़ में भी यही देखने को मिला। जरनैल सिंह ने यह भी दावा किया कि 2021 में आप पार्टी चंडीगढ़ नगर निगम की सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, लेकिन बीजेपी ने पार्षदों को तोड़कर जनता के जनादेश का अपमान किया।
आगे और भी सियासी गर्मी तय
गौरतलब है कि चंडीगढ़ नगर निगम के पार्षदों का पांच साल का कार्यकाल इस साल के अंत में खत्म हो रहा है। इसके साथ ही नए पार्षदों के चुनाव और पंजाब विधानसभा चुनाव भी नजदीक हैं। ऐसे में बीजेपी, कांग्रेस और आप पार्टी के बीच सियासी घमासान और तेज होने की पूरी संभावना है। Chandigarh Municipal Corporation












