भारत ने किया अत्याधुनिक स्वदेशी एंटी-ड्रोन सिस्टम 'भार्गवास्त्र' का सफल परीक्षण
New Anti-Drone System
भारत
चेतना मंच
14 May 2025 10:04 PM
New Anti-Drone System : भारत ने हाल ही में अत्याधुनिक स्वदेशी एंटी-ड्रोन सिस्टम 'भार्गवास्त्र' का सफल परीक्षण किया है, जो देश की एयर डिफेंस क्षमताओं को एक नई ऊँचाई पर ले जाता है। यह सिस्टम ड्रोन के लगातार बढ़ते खतरे से निपटने में बेहद कारगर साबित हो सकता है, खासकर जब सीमाओं पर ड्रोन हमलों की संख्या बढ़ती जा रही है।
भार्गवास्त्र की प्रमुख विशेषताएं :
मल्टी ड्रोन टारगेटिंग क्षमता : यह सिस्टम एक साथ कई ड्रोन को ट्रैक और नष्ट करने में सक्षम है। साल्वो मोड में दो माइक्रो रॉकेट एक साथ दागने की क्षमता है।
उन्नत रेंज और सटीकता : 6 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी पर ड्रोन की पहचान कर सकता है। 2.5 किमी तक की दूरी पर छोटे ड्रोन को खत्म करने की क्षमता।
हार्ड किल एप्रोच : 'भार्गवास्त्र' हार्ड किल टेक्नोलॉजी पर आधारित है, यानी यह केवल ड्रोन को ट्रैक ही नहीं करता, बल्कि उन्हें भौतिक रूप से नष्ट भी करता है। इसमें माइक्रो मिसाइलों का इस्तेमाल होता है, जिनकी मारक त्रिज्या लगभग 20 मीटर है।
मेड इन इंडिया टेक्नोलॉजी : इसे भारत की डिफेंस कंपनी ने विकसित किया है। यह सिस्टम पूरी तरह से स्वदेशी है, जिससे भारत की डिफेंस इंडिपेंडेंस और आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा।
मिलिट्री वैलिडेशन : 13 मई 2025 को गोपालपुर, ओडिशा में भारतीय सेना के एयर डिफेंस अधिकारियों की मौजूदगी में सफल परीक्षण किया गया।
भारत के लिए इसका क्या मतलब है?
सीमाओं की सुरक्षा : विशेष रूप से पाकिस्तान और चीन सीमा पर ड्रोन के बढ़ते उपयोग को देखते हुए यह एक बड़ा रणनीतिक हथियार साबित हो सकता है।
आत्मनिर्भर भारत : पूरी तरह घरेलू तकनीक से विकसित इस सिस्टम से भारत की रक्षा क्षमता विदेशी निर्भरता से मुक्त होगी।
भविष्य के युद्धों के लिए तैयार : आधुनिक युद्धों में ड्रोन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, ऐसे में 'भार्गवास्त्र' जैसे सिस्टम भारत को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे।