
बता दें कि साउथ दिल्ली एमसीडी के पास एक पार्षद ने दो प्रस्ताव भेजे थे। उसमें एक पार्क का नामकरण फिल्म स्टार राजेश खन्ना के नाम पर और एक सड़क का नामकरण पूर्व गृह राज्यमंत्री राजेश पायलट के नाम पर रखने की बात कही गई थी। एमसीडी ने राजेश खन्ना के नाम पर पार्क के नामकरण के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। लेकिन, राजेश पायलट के नाम वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया।
प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा गुर्जर नेता विनीत भाटी का कहना है कि राजेश पायलट न सिर्फ गुर्जर बिरादरी, बल्कि पूरे देश की शान थे। राजेश पायलट ने भारतीय वायु सेना में सेवा के दौरान वर्ष-1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तान में घुसकर बमबारी की और दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए थे। बाद में वे किसानों और मजदूरों के मसीहा बने और देश के गृह राज्यमंत्री तक रहे। लेकिन, भारतीय जनता पार्टी की यह ओछी मानसिकता का प्रमाण है कि वह एक देशभक्त को राजनीतिक दल और जाति से जोड़कर देख रही है। विनीत भाटी का आरोप है कि भाजपा के लोग सत्ता की हनक में राजेश पायलट जैसे देशभक्त को सिर्फ इसलिए महत्व नहीं दे रहे हैं, क्योंकि वह कांग्रेसी नेता थे।
गुर्जर नेता विनीत भाटी ने यह भी कहा कि राजेश पायलट सेना में पदक सम्मान पाने के अलावा एक महान किसान नेता भी थे। उन्होंने हमेशा देश में किसानों के हित की बात की। लेकिन, एमसीडी और भाजपा ने सड़क का नामकरण उनके नाम पर न कर उनका अपमान किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का गुर्जर विरोधी रवैया आज से नहीं, बहुत पहले से चला आ रहा है। राजस्थान में गुर्जर आंदोलन के वक्त 73 गुर्जरों को गोलियों से छलनी करने की निंदनीय घटना के बावजूद भाजपा ने आज तक गुर्जर समाज से माफी नहीं मांगी। उन्होंने कहा कि भाजपा को राजेश पायलट के अपमान के लिए माफी मांगनी चाहिए।